अब दांतों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को पंजाब से बाहर नहीं जाना होगा: डॉ. परभदीप

संजीव कुमार
श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब)। अगर किसी के जबड़े या दांतों की बनावट में दिक्कत है तो उसका पूरा चेहरा ही खराब दिखने लगता है। दुर्घटना में खराब जबड़े, जन्मजात चेहरे की विकृति, मुंह के अंदर सफेद दाग, चेहरे की नस में दर्द, ओरल कैंसर से विकृत हुए जबड़े जैसी समस्याओं के इलाज के लिए आज चिकित्सा क्षेत्र नया मुकाम हासिल कर चुका है। पंजाब में तो पहले दांतों को लगाने के लिए यहां के लोगों को बाहर जाना पड़ता था लेकिन अब शहर गिदडबाहा के माता संतोषी अस्पताल में दांतों के डॉ. परभदीप सिंह गर्ग (एमडीएस एवम मेक्सिलोफेसिअल) द्वारा यहीं पर पूरी तरह से इलाज किया जाने लगा है।
उन्होंने बताया कि गिदडबाहा के निवासी संदीप कुमार गर्ग के दांत लगाने का 14 जनवरी को पहला ऑपरेशन किया गया। संदीप का कहना था कि उसे चंडीगढ़ के पीजीआई के डाक्टरों ने जबाव दे दिया था। उसके बाद वह डॉ. परभदीप सिंह गर्ग ने मिला। उन्होंने उसका आपरेशन किया। अब वह पूरी तरह से ठीक है। संदीप कुमार ने डा परभदीप का धन्यवाद किया है।
डॉ. परभदीप ने इस संवाददाता से कहा कि पंजाब के दांत के मरीजों को इससे सूबे से बाहर जाना पड़ता था लेकिन अब उन्होंने यह तरकीब इजाद कर ली है। सूबे के मरीजों को अब दॉतों के ऑपरेशन के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनहित में बताया कि अक्सर 40 साल की उम्र पार करते ही दांतों में समस्याएं आने लगती हैं। इन दिक्कतों का समय पर इलाज न होने पर दांतों को उखड़वाना भी पड़ सकता है, जिसके बाद समस्याएं और बढ़ जाती हैं। इसके अलावा स्थायी रूप से दांत लगवाने के लिए छह महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इंट्रा ओरल वेल्डिंग तकनीक से दांत को एक घंटे में इम्प्लांट किया जा सकता है। इन दांतों की भोजन चबाने की क्षमता करीब-करीब असली दांतों के बराबर (80 प्रतिशत) तक होती है।

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