गरीब-मध्यम वर्ग के लिए कुछ तो करो सरकार!

राहुल शर्मा
चंद रोज पहले देखी थी रितिक रोशन की फिल्म जोधा-अकबर। उसमें धार्मिक यात्रा पर मुगल काल में टैक्स वसूली देखी। एक आर्ट फिल्म में भी देखा था कि अंग्रेज भी जनता से जबरन कर वसूलते थे। लेकिन समझ नहीं पा रहा कि अब तक राष्ट्र भक्त, गो-भक्त, राम भक्त सरकार है फिर ये वसूली वाला अंग्रेज और मुगलकाल वाला नुस्खा क्यों अपनाया जा रहा है देश की जनता पर? संपन्न लोग या अंधभक्त मेरे इस लेख पर पोस्ट करते ही गला फाड़-फाड़कर राष्ट्रद्रोही, पप्पू का भक्त, कांग्रेसी चमचा या भाजपा विरोधी बोलकर आम लोगों का ध्यान हटाने के लिए तरह-तरह के तर्क निकालकर रखने लगेंगे उस इतिहास के जिसमें उनका योगदान सिर्फ गद्दार का रहा और या राष्ट्र विरोधी का? तर्क दिए जाएंगे कि तब भी तो ऐसा होता था?
आज सवाल यही तो है कि जब पहले भी ऐसा ही होता था तो आपने आज क्या नया कर दिया? क्या कश्मीरी पंडितों के हितैशी बनने वालों कश्मीरी पंडित वहां विस्थापित कर दिए? क्या महंगाई को मुद्दा बनाकर सत्ता में आने वालों ने उसे खत्म कर दिया? क्या राम राज का सपना दिखाकर यूपी की सत्ता पर काबिज होने के बाद से करीब दो दशक पहले तक चल रहा अपहरण उद्योग आपके राज में दोबार शुरू नहीं हो गया? क्या अपराधियों की हैसियत आपके राज में ही इतनी कमजोर पड़ गई कि उनका हौंसला एकसाथ आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने लायक नहीं रहा? क्या आपके राज में किसान खुश और संपन्न होने के साथ उनकी आय दोगुनी हो गई? क्या आपके राज में सबका साथ, सबका विकास हुआ? या फिर कुछ खास गुजरातियों या रईसों की ही चांदी कटी? क्या आपके राज में मध्यम वर्ग खत्म करके देश में सिर्फ दो कैटेगिरी ही बनना सबसे बड़ा विकास रहा कि बस अमीर बचा और या गरीब? या फिर वो जिन्दा हैं जो संघर्षषील हैं या फिर अंध भक्त? क्या आपने हर कामगार को रोजगार का नारा पूरा किया? या फिर कामगारों को भी बेरोजगार कर भूखा मरने को छोड़ दिया?
ऐसे सैकड़ों सवाल हैं एक आम आदमी, एक मजबूर के मन में, मगर क्या करें आपके कुकर्मों का लाभ लेने वाले, आपके षड्यंत्रों और व्यूह रचना में अभिमन्यु बने लोग अभी भी राफेल उड़ा रहे हैं। अभी भी राम मंदिर के शिलान्यास का जश्न मनाने की तैयारियों में लगे हैं। शायद मेरी उम्र के दौरान पहली बार ऐसा हुआ कि हिन्दुओं के सबसे बड़े और पवित्र घाट हर की पौड़ी को आकाशीय बिजली ने कभी नुकसान पहुंचाया हो, यह पहली बार हुआ है। लगता है कि प्रभु राम और भगवान शिव भी कुपित हो रहे हैं राष्ट्रवादी सरकार, राम भक्त सरकार की हरकतों को देखकर ?
अरे और कुछ नहीं दिल्ली से ही कुछ सीखकर गरीब का ख्याल कर लो? वहां बिजली के दाम देखो ? वहां सरकारी बस का किराया देखो? महिलाओं को किराये की राहत देखो? और अब तो पेट्रोल-डीजल की केंद्र की लूट से भी दिल्ली की जनता को आज राहत देने का ऐलान हो गया है।
वहां की सरकारी शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर भी गौर करके कुछ जनता को राहत दे दे। आखिर भक्त भी तब तक ही भक्त रहेंगे जब तक उनके स्वार्थों की सिद्धि होगी? गोदी मीडिया भी तब तक ही राफेल उड़ाएगा और अनजान जनता से आपके इशारे पर थाली-ताली पिटवाएगा जब तक उसका हित है। उसके बाद वह भी गाली ही देगा। ध्यान रखो, उस जनता की भी कुछ सोचो जिसने कांग्रेस की अकल ठिकाने लगा हरिहर मोदी, घर-घर मोदी का नारा लगाकर आपको इस औकात में पहुंचाया है जिसमें आपको हिटलर बन वो तमाम फैसले लेने की शक्ति मिली जिसका प्रयोग करके आपने मन की बात कर रातोंरात नोटबंदी कर दी, लॉकडाउन थोप दिया, कोरोना की अनदेखी कर ट्रंप को देश से नमस्ते कराकर कोरोना को अहमदाबाद से आगरा तक घुमा दिया।
हम आपके 370, तीन तलाक, राम मंदिर सहित बहुत से फैसलों का सम्मान भी करते हैं, मगर जहां गरीब पर वार करोगे, लोगों को बेरोजगार करोगे, लोगों को बेघर करोगे, गलत फैसले लोगे तो बोलेंगे भी जरूर, विरोध करेंगे भी जरूर, क्योंकि न तो हम अंधभक्त हैं? न आपकी सरकार आपके मंत्री या जन प्रतिनिधियों के टट्टू हैं और ना ही खत्म कर दिए विपक्ष के पैरोकार? इसीलिए फिर कह रहा हूं कि गरीबी मध्यम वर्ग के लिए कुछ तो करो सरकार!
(लेखक गाजियाबाद के पत्रकार हैं।)

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