रागिनी रंजन ने पर्यावरण शिक्षा देने की बताई जरूरत

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के सौजन्य से गो ग्रीन अभियान के तहत पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन के लिए 31 मई को पेटिंग कंपटीशन का आयोजन किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत करते हुए जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा, “धरा नहीं, तो सब धरा रह जाएगा। पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण का ध्यान रखना हमारा परम दायित्व बनता है। सभी को अपने स्तर पर पर्यावरण बचाने पर योगदान देना चाहिए। आसपास लगे पेड़ों को जीवित रखें। उनकी देखभाल करें। जहां जरूरी हो वहां पौधे लगाएं। आज पर्यावरण एक जरूरी सवाल ही नहीं बल्कि ज्वलंत मुद्दा बन चुका है लेकिन आज लोगों में इसे लेकर कोई जागरूकता नहीं है। लोगों को पर्यावरण शिक्षा दिए जाने की जरूरत है।”
पेटिंग कंपटीशन के लिए आयु वर्ग:1. 4 से 8 साल 2. 8 से 15 साल और 15 साल से ऊपर रखी गयी है। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गयी है। एक बच्चे के द्वारा एक ही प्रविष्टि मान्य होगी। हर वर्ग में तीन प्रविष्टियों को पुरुस्कार मिलेगा। चयनित और पुरुष्कृत प्रविष्टियों को ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस अपने गो ग्रीन मुहिम में प्रयोग करेगा। सभी बच्चों को प्रतियोगिता में भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ज्यूरी मेंबर फेसबुक लाइव पर परिणाम की घोषणा 05 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर होगी।
इस अवसर पर जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का सीधा सम्बन्ध प्रकृति से है। अपने परिवेश में हम तरह-तरह के जीव-जन्तु, पेड़-पौधे तथा अन्य सजीव-निर्जीव वस्तुएँ पाते हैं। ये सब मिलकर पर्यावरण की रचना करते हैं। लेकिन आज पर्यावरण संरक्षण एक ज्वलंत समस्या है। इसके निराकरण के लिए विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को हर संभव प्रयास करना चाहिए। पर्यावरण की सुरक्षा हर किसी की जिम्मेदारी है।

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