राजस्थानः जालौर में पानी न मिलने से 6 साल की बच्ची की मौत, नानी बेदम

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
जालौर। देश में जिस तेजी से विकास हो रहा है और नेता-मंत्री वाहवाही लूटने में लगे हैं, उसी देश के जालौर जिले की एक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। तपती धूप में सफर कर रही छह साल की एक बच्ची की पानी न मिलने से मौत हो गई। बच्ची नानी के साथ 45 डिग्री तापमान में पैदल चल रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग महिला को पानी पिलाया और अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। लेकिन मासूम बच्ची दम तोड़ चुकी थी। पोस्टमॉर्टम हुआ तो पता चला कि उसकी मौत का कारण पानी न मिलना था।
रानीवाड़ा तहसील अंतर्गत डूंगरी निवासी श्रीमती सुखी देवी (60) नातिन अंजलि (6) के साथ सिरोही के पास रायपुर स्थित मायके से दोपहर में घर (डूंगरी) लौट रही थीं। यह घटना रविवार, 6 जून की सुबह की बताई जा रही है। कोरोना काल के चलते वाहनों की आवाजाही बंद थी। सुखी देवी को कोई साधन नहीं मिला। ऐसे में नानी बच्ची के साथ पैदल ही गांव के लिए चल पड़ीं। करीब 25 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद दोनों बुरी तरह से थक गई थीं। रेतीले धोरों में प्यास से दोनों बेहाल हो गईं। रोड़ा गांव के पास पहुंचते-पहुंचते अंजलि की मौत हो गई और नानी बेसुध होकर गिर पड़ी। काफी देर बाद एक चरवाहे ने बुजुर्ग महिला को देखा तो सूरजवाड़ा सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित को फोन किया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। शर्म आती है इस घटना पर। राजस्थान सरकार को धिक्कार है! एक मासूम ने पानी न मिलने से दम तोड़ दिया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में बड़े-बड़े विकास कराने का दावे करते हैं। जाहिर सी बात है अब अब इस मसले पर राजनीति भी होगी।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर सरकार पर सवाल खड़े करते हुए लिखा है, ‘9 घंटे तक पीने का पानी न मिलने के कारण हुई एक बच्ची की मृत्यु, बेहद शर्मनाक घटना है। इसके लिए राजस्थान सरकार ज़िम्मेदार है। सोनिया, राहुल, प्रियंका अब चुप क्यों हैं?’ लेकिन राज्य सरकार के प्रतिनिधि इस घटना पर लगातार चुप्पी साधे हुए हैं।

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