राजीव रंजन ने पार्थ श्रीवास्तव मौत मामले में गठित की जीकेसी जांच कमेटी

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
लखनऊ। ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (जीकेसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने पार्थ श्रीवास्तव की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने इस मामले की जांच के लिए जीकेसी पदाधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया है। इस समिति के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ जीकेसी) अध्यक्ष होंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के सोशल मीडिया सेल में कार्यरत इंदिरा नगर लखनऊ के निवासी पार्थ श्रीवास्तव ने बुधवार, 19 मई की शाम को आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले पार्थ ने अपनी टीम के सीनियर कर्मचारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामले का संज्ञान लेते हुए आज शुक्रवार को जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने जीकेसी पदाधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया।
21 मई को ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि पार्थ श्रीवास्तव की आत्महत्या की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ) करेंगे। इस टीम में अभिषेक श्रीवास्तव (राष्ट्रीय सचिव विधि प्रकोष्ठ), डिटेक्टिव रूपेश श्रीवास्तव (जिला अध्यक्ष लखनऊ), कमलेश श्रीवास्तव (राष्ट्रीय एवं प्रदेश सचिव ट्रेनिंग प्रकोष्ठ), मंजू श्रीवास्तव (प्रदेश अध्यक्ष कला एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ), नीता निगम (प्रदेश महासचिव कला एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ), ऋतु खरे (राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ) एवं हर्ष श्रीवास्तव (प्रदेश उपाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ) शामिल हैं।
जीकेसी के राष्ट्रीय महासचिव मनोज श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश सरकार से पार्थ के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो जीकेसी हर जिले में पार्थ को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करेगी। ज्ञापन दिया जाएगा और पुरजोर विरोध जताया जाएगा। दूसरी तरफ राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में जीकेसी परिवार पीड़ित परिजनों के साथ है और उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर पार्थ श्रीवास्तव के परिजनों को न्याय नहीं मिला तो जीकेसी आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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