तरुण मानव का एक ही मकसद- ‘कोई भूखा न रहे’

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के तरुण मानव ‘अन्नपात्र इंडिया फाउंडेशन’ के संस्थापक हैं। इनका मकसद है देश में कोई भूखा न रहे। अपने इसी उद्देश्य की पूर्ति में वह रात-दिन जरूरमंदों की सेवा में लगे रहते हैं। इधर जब से कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ा है, उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब तक वह सामाजिक संस्था ‘अन्नपात्र इंडिया फाउंडेशन’ के माध्यम से 10 लाख से अधिक भूखों को भोजन कराने में सफल रहे हैं।
तरुण मानव गरीब और लाचार को देखते ही द्रवित हो उठते हैं। ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से वह बताते हैं, ‘आजादी के वर्षों बाद भी लाखों लोग इस देश में भूखे सोने को मजबूर हैं। कितने ही लोग बिना भोजन के हर साल अकाल ही काल के गाल में समा जाते हैं और बच्चे कुपोषित हैं। कुछ लोग तो कचरे-कूड़े के बीच से खाना खाकर अपना जीवन चला रहें है। ऐसे में कोरोना के चलते गरीब, पीड़ित, उपेक्षित और बेघर लोगों की हालात बहुत ज्यादा ख़राब हुई है। उनकी कोई देखरेख करने वाला नहीं है। कई बार तो दो जून की रोटी के लिए ये तरस जाते हैं। हम ऐसे जरूरतमंदों को अन्न पात्र इंडिया के माध्यम से पका हुआ पौष्टिक भोजन और राशन किट भी लगातार वितरित कर रहे हैं।’
तरुण मानव के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन (5 जून) के शुभ अवसर पर भी अन्न पात्र इंडिया फाउंडेशन द्वारा सयुंक्त जिला चिकित्सालय, हापुड़ चुंगी, झुगी–झोपड़ियों और गाजियाबाद रोडवेज बस अड्डा पर 900 जरुरतमंदों को नि:शुल्क पौष्टिक भोजन और 25 लोगों को राशन किट का वितरण किया गयाI वह बताते हैं कि इसी तरह वह यह नेक कार्य करीब तीन साल से निरंतर करते आ रहे हैं और अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को भोजन वितरित कर चुके हैं। तरुण कहते हैं, ‘जरूरतमंदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके मद्देनजर अब अन्न पात्र इंडिया द्वारा संचालित ‘मोबाइल भोजन सेवा’ के तहत सड़कों के किनारे रहने वाले और झुग्गी-झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले गरीबों, बेसहारा बच्चों व मजदूरों को भोजन वितरित किया जा रहा है।’

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