सरहद पर उत्तराखंड के दो जवान शहीद

  • अंबेश पंत
    देहरादून। देश की सीमा की रक्षा करते हुए उत्तराखंड के दो वीर सपूत शहीद हो गए और दो अन्य जवान घायल हो गए। शहीद दोनों जवान पिथौरागढ़ के रहने वाले थे, जबकि घायल दोनों जवान भी उत्तराखंड के ही बताए गए हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान ने बारामुला जिले के उरी सेक्टर में अकारण गोलीबारी की थी और मातृभूमि की रक्षा करते हुए ये दोनों जवान शहीद हो गए।
    शुक्रवार को पाकिस्तान की सेना ने उरी सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की तो भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान की इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान सेना की फायरिंग में चार सैनिक घायल हो गए थे। इन्हें तुरंत पास के ही मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान दोनों सैनिक शहीद हो गए। इनकी पहचान हवलदार गोकर्ण सिंह महरा और नायक शंकर सिंह चुफाल के रूप में हुई है। अस्पताल में जिन दो सैनिकों का इलाज चल रहा है उनमें हवलदार नारायण सिंह और नायक प्रदीप शामिल हैं।
    शहीद होने वाले दोनों जवान उत्तराखंड के कुमाऊंं मंडल के पिथौरागढ़ जनपद के मूल निवासी थे। कुमांऊ रेजीमेंट में तैनात इनमें गंगोलीहाट के नाली गांव निवासी नायक शंकर सिंह महरा और मुनस्यारी के नापड़ गांव निवासी गोकर्ण सिंह चुफाल शहीद हो गए। गोलीबारी में घायल दो अन्य जवान भी उत्तराखंड के ही बताए जा रहे हैं। वे भी कुमाऊं रेजीमेंट के जवान हैं।
    उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने पाकिस्तान से हुई गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवानों के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने शहीद हुए कुमाऊं रेजिमेंट के जवान शंकर सिंह महरा एवं जवान करण सिंह चुफाल की शहादत पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही शहीद जवानों के परिजनों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त की है। अग्रवाल ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमे अपने जवानों की बहादुरी पर गर्व है। जवानों ने दुश्मनों से मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने जवानों के हौसले को नमन करते हुए कहा कि वह शहीदों के परिजनों के साथ दृढ़ता के साथ खड़े हैं।

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