राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम ‘पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration) है। जंगलों को नया जीवन देकर, पेड़-पौधे लगाकर, बारिश के पानी को संरक्षित करके और तालाबों के निर्माण करने से हम पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से रिस्टोर कर सकते हैं। यह कहना है ईएनटी हास्पिटल के प्रमुख डॉक्टर ब्रजपाल त्यागी का। उन्होंने आज शनिवार को डॉक्टर नियति के साथ अस्पताल प्रांगण में पौधरोपण किया। साथ ही लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अगर हम पौधे लगाएंगे तो वह हमें ऑक्सीजन भी देंगे और प्रदूशल भी कम होगा।
डॉ बीपी त्यागी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के इस बार के केंद्रित विषय स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र लोगों की आजीविका को बढ़ा सकता है। जलवायु परिवर्तन का मुकाबला कर सकता है और जैव विविधता के पतन को रोकेगा। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है। पहली बार यह 1974 में आयोजित किया गया था। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है।
डॉ त्यागी ने इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ के माध्यम से लोगों को एक संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि बहुत लंबे समय से, हम अपने ग्रह के पारिस्थितिक तंत्र का शोषण और विनाश कर रहे हैं। हर तीन सेकंड में दुनिया एक फुटबॉल पिच को कवर करने के लिए पर्याप्त जंगल खो देती है और पिछली शताब्दी में हमने अपनी और आर्द्रभूमि का आधा हिस्सा नष्ट कर दिया है। हमारी 50 प्रतिशत प्रवाल भित्तियाँ पहले ही नष्ट हो चुकी हैं और 90 प्रतिशत तक प्रवाल भित्तियाँ 2050 तक नष्ट हो सकती हैं। भले ही ग्लोबल वार्मिंग 1.5 ° C की वृद्धि तक सीमित हो।
उन्होंने कहा कि परिस्थितिकी तंत्र का नुकसान दुनिया को जंगलों और पीटलैंड जैसे कार्बन सिंक से वंचित कर रहा है। COVID-19 के उद्भव ने यह भी दिखाया है कि पारिस्थितिकी तंत्र के नुकसान के परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं। जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास के क्षेत्र को कम करके हमने कोरोना वायरस जैसी बीमारियों को दावत दी है। हमें पर्यावरण को संतुलित रखना है तो पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली करना होगा।


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