राष्ट्रीय जनमोर्चा परिचर्चा
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने संसद के निचले सदन, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया। राष्ट्रीय जनमोर्चा ने ऑन लाइन इस पर एक परिचर्चा आयोजित की, जिसमें प्रयागराज के शिक्षाविद् और समाजसेवी बृज बिहारी श्रीवास्तव ने नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार द्वारा इसे अति उत्तम कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि सनातन भारत में महिलाओं को उचित सम्मान मिलना एक अभूतपूर्व कदम है।
बृज बिहारी श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं के इस सम्मान से देश के चहुमुखी विकास में बहुत ही सक्रिय भूमिका हो सकती है। जैसे एक छात्रा को शिक्षित करने पर पूरा घर शिक्षित हो जाता है वैसे ही महिलाओं की इस भूमिका से भारत उन्नति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद।
महिलाओं का बढ़ेगा सशक्तिकरण :
समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक एवं कायस्थ नेता विजय कुमार श्रीवास्तव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि हमें इसका इंतजार था। हम पीएम को बधाई देते हैं। बहुत समय से जनता में इसकी चर्चा थी, खासकर महिलाएं बार-बार पूछती थीं, पंचातयी राज और शहरी स्थानिय निकायों के जब चुनाव हुए तब भी यह चर्चा होती रही कि लोकसभा में, विधानसभा में ये कब होगा? मोदी सरकार का यह कदम सराहना के योग्य है। निश्चित रूप से इससे महिलाओं का सशक्तिकरण बढ़ेगा।
महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिलेगा :
अनिमेष श्रीवास्तव कहते हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जो भारत में महिला सशक्तिकरण को एक नया आयाम देगा। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाओं की आवाज को नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका मिले। इससे महिलाओं के अधिकारों और अवसरों में वृद्धि होगी और वे समाज में एक समान भूमिका निभा सकेंगी। कुल मिलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक सकारात्मक कदम है।
नारी शक्ति नारी स्वाभिमान :
रामपुर के शिव प्रकाश सक्सेना कहते हैं कि महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत करके मोदी सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह महिलाओं के लिए कितने समर्पित और तत्पर हैं। उनका प्रयास है कि सामाजिक ढांचा सुधारने के लिए जन परोपकार के काम अधिक से अधिक हो। उनके इस प्रयास की जितनी प्रशंसा की जाय, कम है। हमारा जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे सभी इस बिल का अधिक से अधिक समर्थन करें।
बढ़ती बेरोजगारी से परेशानी :
दिल्ली के समाजसेवी एवं पत्रकार रमेश पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा है कि महिलाओं के आरक्षण से पूरा देश खुश है, लेकिन बेरोजगारी से पुरुष वर्ग बहुत परेशान है। रोजगार के लिए सामान्य वर्ग को भी आरक्षण दिया जाता तो निश्चित ही हमारा समाज सशक्त होता। दूसरी बात जो शिक्षा दी जा रही है, उससे हमारा समाज खोखला होता जा रहा है। बच्चों में संस्कार नहीं है। माता-पिता की परेशानी बढ़ती जा रही है।


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