राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आईटीएस कॉलेज में विश्व संवाद केंद्र मेरठ के द्वारा देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नूपुर जे शर्मा, मुख्य वक्ता अनंत विजय व आशुतोष भटनागर ने अपने-अपने विचार रखे और पत्रकारिता के साथ-साथ कई पहलुओं पर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया।
नूपुर जे शर्मा ने कहा कि जो बिंदास लिखते हैं, उन सभी पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने कहा कि टीवी न्यूज चैनल के पत्रकारों का पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग करना दुर्भाग्य का विषय है। जहां एक तरफ जिहाद के नाम उत्पाद करने वाले आरोपी को पीड़ित घोषित करने का प्रयास एवं उस पर रिपोर्टिंग होती, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित व उनके परिजनों से सच्चाई व उनकी पीड़ा जानने का प्रयास भी नहीं होता। पत्रकारिता में सच को सच ही कहना चाहिए, परंतु कुछ कारण पत्रकार सच नहीं लिख पाते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अनंत विजय ने कहा कि पत्रकारिता में पारदर्शिता की समस्या केवल पत्रकारिता में ही नहीं बल्कि शिक्षा की भी समस्या है। जब किसी बात को समझ लेते हैं तो उसको ज्ञान कहते हैं और जब किसी बात को स्वीकार कर लेते हैं तो उसको विश्वास कहते हैं। पत्रकारों को इन्हीं दोनों रेखाओ में कार्य करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। पत्रकार अभी के समय में शोध करने में थोड़ा संकोच करते हैं और प्राइमरी सूचना के स्रोत तक नहीं पहुँचते हैं। पत्रकारों को शोध पर ध्यान देना चाहिए और प्राइमरी स्रोत तक पहुँचना चाहिए।
नारद जयंती का महत्वत बताते हुए आशुतोष भटनागर ने कहा कि देवर्षि नारद कोई एक व्यक्ति नहीं, यह एक उपाधि है, एक गुण और मूल्यों को मिलाकर कहें तो पत्रकारिता में सम्मानित देवर्षि नारद हैं। इन्हीं मूल्यों और गुण को सभी पत्रकार अपनाएं और आगे बढ़ें। आज भी पत्रकारिता में एक बड़ा हिस्सा इन्ही मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है और निडरता से भ्रष्टाचार की सूचनाओं को प्रसारित कर रहे हैं। कार्यक्रम में मंच संचालन आशीष राय ने किया। इस अवसर पर अखिलेश, मानसी, देवेंद्र, बंधु करुण, अमित, वीरेंद्र, तुषार आदि उपस्थित रहे।


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