त्यागी भूमिहार समाज के चलते बीजेपी को 26 सीटों पर उठाना पड़ा नुकसान

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में ऐसी कई सीटे हैं, जिसमें बीजेपी को राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकान्त त्यागी की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यह कहना है स्वयं श्रीकान्त त्यागी का। वह शनिवार को गाजियाबाद में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। इस मौके पर पार्टी के महासचिव डॉ बीपी त्यागी भी मौजूद रहे।
श्रीकान्त त्यागी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे लोकसभा चुनाव के प्रारंभ से ही त्यागी भूमिहार समाज को बीजेपी के विरुद्ध लामबंद करने का कार्य कर रहे थे, जिसमें पूरे उत्तर प्रदेश में त्यागी भूमिहार समाज ने उनकी मुहिम में उनका पूरा साथ दिया। नतीजा आज सभी के सामने हैं। उत्तर प्रदेश में पश्चिम से पूर्वांचल तक बीजेपी को 26 लोकसभा सीटों (गौतमबुद्ध नगर, ग़ाज़ियाबाद, बागपत, मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर, सहारनपुर, नगीना, कैराना, बिजनौर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बदायूं, आगरा, आज़मगढ़, कुशीनगर, श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज, बलिया, ग़ाज़ीपुर, घोसी, वाराणसी, चांदोली, जौनपुर) पर भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए ने जहां 293 सीटों पर जीत के साथ बहुमत हासिल किया है, वहीं इंडिया गठबंधन के खाते में 233 सीटें गयी हैं। एनडीए की सीटें घटी हैं, जबकि इंडिया गठबंधन की सीटें बढ़ी हैं। इस बार 208 सीटें ऐसी रहीं जो सत्‍ताधारी पार्टी के कब्‍जे से विपक्ष के कब्‍जे में चली गईं। 2019 में ऐसी 178 सीटें थीं।
2024 के चुनाव में 41 सीटें ऐसी रहीं जो पहले बीजेपी के खाते में थी पर इस बार कांग्रेस के खाते में चली गईं। बीजेपी के कब्‍जे वाली 47 सीटें इंडिया गठबंधन की गैर कांग्रेसी पार्ट‍ियों के खाते में गईं। नौ सीटें ऐसी रहीं जो कांग्रेस से भाजपा के खाते में आयीं। 88 सीटें ऐसी रहीं जो बीजेपी से कांग्रेस व इंडिया गठबंधन की अन्‍य पार्ट‍ियों के खाते में गईं। एक ओर जहां बीजेपी 400 से अधिक सीटों का दावा कर रही थी, अब वह 240 सीटों पर सिमट कर रह गई है।
रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी का कहना है कि चुनाव के परिणाम में साफ तौर पर देखा गया कि बीजेपी को नहीं मिला है त्यागी भूमिहार समाज का वोट। त्यागी भूमिहार समाज ने इंडिया गठबंधन को पूर्ण समर्थन दिया है, जिस कारण त्यागी भूमिहार बाहुल्य लोकसभा सीटों पर भाजपा को 16 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है और शेष 10 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी का वोट भाजपा को ट्रांसफ़र हो जाने के चलते भाजपा उक्त 10 सीटों को जीतने में कामयाब रही। परंतु उन 10 सीटो पर अगर बहुजन समाज पार्टी के वोट को बीजेपी से अलग कर दिया जाये तो स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि त्यागी भूमिहार समाज का वोट भाजपा को न मिलकर इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को बड़ी संख्या में मिला है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में किंग मेकर साबित हो सकते हैं श्रीकांत त्यागी :
पार्टी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में त्यागी भूमिहार समाज की आबादी क़रीब 65 लाख व पूर्वांचल में क़रीब 57 लाख है, जोकि चुनावी परिणामों को बदलने के लिए पर्याप्त संख्या में अपना महत्व रखती है। वहीं उत्तर प्रदेश में रा.न.द. सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी को त्यागी भूमिहार समाज के लोग छोटे लोकबंधु राजनारायण के रूप में मानते हैं, जिसका कारण श्रीकान्त त्यागी के क्रांतिकारी तेवर, निडर स्वभाव व अपने समाज एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में निरंतर सहभागी बने रहना प्रमुख वजह है। ऐसे में पार्टी मानती है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले आम विधानसभा चुनाव 2027 में श्रीकान्त त्यागी उत्तर प्रदेश की राजनीति में किंग मेकर साबित हो सकते हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*