राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
मुंबई। एमएनएस ( महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) प्रमुख राज ठाकरे के एक बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने चचेरे भाई शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को लेकर कहा है कि उद्धव ठाकरे के साथ मेरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अगर महाराष्ट्र हित के लिए हमें एक होना होगा तो मैं उसके लिए तैयार हूं।
राज ठाकरे ने कहा, ”महाराष्ट्र हित के सामने हमारे झगड़े, हमारी बातें छोटी होती हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि एकसाथ आने और रहने में कोई कठिनाई है। विषय केवल इच्छा का है और मेरे अकेले की इच्छा का भी नहीं है। मुझे लगता है कि बड़े चित्र को देखना महत्वपूर्ण है। मेरा मतलब यह है कि महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दलों के मराठी लोगों को एकसाथ आकर एक पार्टी बनानी चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर 9 मार्च 2006 को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया था। लेकिन एमएनस का सियासी सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में प्रचार किया। हालांकि राज ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया। 135 सीटों पर उन्होंने उम्मीदवार उतारे लेकिन एक भी सीट पार्टी नहीं जीत सकी।
फिलहाल, राज ठाकरे ने हाल ही में महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। इसे लेकर 16 अप्रैल को एकनाथ शिंदे ने कहा था कि क्या हम मिल नहीं सकते? बाल ठाकरे के जमाने से हम साथ में काम करते थे, बीच में किसी कारण से नहीं मिले। हर मुलाकात का राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है। लेकिन फिल्म निर्देशक महेश मांजरेकर के साथ किए पॉडकास्ट में राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को लेकर अब जो बयान दिया है, वह बहुत बड़ा माना जा रहा हैं। उसके आधार पर राज ठाकरे के अगल कदम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

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