नारी गौरव दिवस के रूप में मनाई जा रही सीता नवमी

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुजफ्फरपुर। बज्जिकांचल विकास पार्टी सीता नवमी का त्योहार ‘नारी गौरव’ दिवस के रूप में मनाती है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र राकेश ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि गणतंत्र की जननी ‘बज्जिकांचल’ का सौभाग्य है कि वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीतामढ़ी के पुनौरा की पावन-भूमि से जगत-जननी जानकी (सीता) माता प्रकट हुई थीं। इसी उपलक्ष्य में आज सीता नवमी का उत्सव मनाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सीता नवमी को कहीं-कहीं लोग जानकी जयंती के नाम से भी जानते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक भगवान राम और माता सीता की पूजा करने से सभी रोग और शोक दूर होते हैं और 16 महान दान का पुण्य फल प्राप्त होता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र राकेश कहते हैं कि सीता माता को त्रेतायुग की सबसे पवित्र, त्यागमयी और संयमशील स्त्रीत्व का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए बज्जिकांचल विकास पार्टी सीता नवमी का त्योहार ‘नारी गौरव’ दिवस के रूप में मनाती है और लोगों से भी अपील करती है कि वे इस त्योहार को विधिविधान पूर्वक मनाएं।
देवेन्द्र राकेश के अनुसार, भगवान विष्णु के अवतार के रूप में श्री राम के धरती पर अवतरण के पश्चात मां सीता लक्ष्मी के रूप में अवतरित हुईं। इसीलिए मां सीता को लक्ष्मी का अवतार भी माना जाता है। बज्जिकांचल वासियों से अनुरोध है कि हम सभी अपने-अपने घरों में मिष्ठान भोजन बनाकर मां सीता के प्रति आस्था रख यह त्यौहार मनाएं। यथासंभव पकवान एवं फलफूल से उन्हें भोग लगाकर आरती उतारें। साथ ही अपने-अपने घरों की देहरी पर पांच मंगलदीप जलाकर मंगल गीत गाएं। माता सीता की कृपा से परिवार एवं ग्राम सुखी रहें, यही बज्जिकांचल विकास पार्टी की कामना है।

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