राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की आवश्यकताओं तथा रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को विधानभवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मंगलवार, 7 जुलाई को मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जनपद एवं मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति की सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ करें। कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए युवाओं के लिए अधिक से अधिक शॉर्ट टर्म एवं रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद कौशल, इंटरव्यू तैयारी, रिज्यूमे लेखन तथा व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता और अधिक बढ़ सके। मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की मंशा केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशलयुक्त मानव संसाधन वाला राज्य बनाने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, प्रत्येक प्रशिक्षित युवा को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर मिले तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो, यही योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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