राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। रेलवे से जुड़े कार्यों का ठेका लेने वाले ठेकेदार अपना काम घपलेबाजी के सहारे पूरा करते हैं, फिर चाहे उन्हें इसके लिए रेलवे की सम्पत्ति का ही दुरुपयोग क्यों न करना पड़े। इसी तरह के मामले को उठाते हुए जन सहयोग संस्थान ने रेलवे विजिलेंस के सचिव और आरपीएफ के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर रेलवे के ठेकेदार द्वारा गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से पटरियों पर बिछाई जाने वाली गिट्टियों (ब्लास्ट) को अपनी मनमर्जी से उठवाकर दूसरी जगह पहुंचाने और इस बारे में जानकारी होने के बाद भी थाना आरपीएफ इंस्पेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की जांच कराने की मांग की है।
जन सहयोग संस्थान के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने शिकायती पत्र में कहा है कि पिछली 17 मई की शाम करीब चार बजे ईएमयू कार शेड गाजियाबाद की आरपीएफ चौकी पर तैनात कुछ पुलिसवालों ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाकर उसमें लदी गिट्टियों (ब्लास्ट) के बारे में पूछताछ की थी। ट्रैक्टर चालक शकील का कहना था कि वो इन गिट्टियों को गाजियाबाद रेलवे जंक्शन के सीमेन्ट गोदाम से लेकर आ रहा है और इसे चिपियाना बुजुर्ग कारशेड लेकर जा रहा है। जहां पर ठेकेदार ने ये गिट्टियां (ब्लास्ट) अपने ठेके के कार्य में इस्तेमाल कराने के लिए मंगवाई थीं।
शर्मा ने संभावना जताई है कि रेलवे की गिट्टियों को अपने ठेका कार्य में इस्तेमाल करके ठेकेदार विभाग से फर्जी बिल के जरिए पेमेन्ट का भुगतान कराने की जुगत में है। वहीं जब आरपीएफ के पुलिसकर्मियों ने बिना अनुमति के गिट्टियां (ब्लास्ट) ले जाते हुए ट्रैक्टर ट्राली को रोक लिया था, तब भी आरपीएफ इंस्पेक्टर ने जांच करके कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इस पर अशोक कुमार शर्मा ने सवाल उठाया है। उन्होंने संबंधित आलाधिकारियों से इस घपलेबाजी तथा आरपीएफ प्रभारी की भूमिका की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।


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