राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर 4सी स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पराक्रम दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर पचासों विद्यार्थियों और शिक्षण स्टाफ ने वरदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के रोटरी ब्लड बैंक की टीम द्वारा लगाये गये शिविर में रक्तदान कर देश को नमन किया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। क्या भाषण, क्या गीत और क्या कविताएं, एक से बढ़कर एक थीं। वंदेमातरम व जय हिन्द के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
चेयरमैन डॉ अशोक कुमार गदिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष कभी मर नहीं सकते, वह अमर हैं, अमर रहेंगे। नवजवानों में एकता का जज्बा नेताजी के देशहित में किये गये कार्यों से ही भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश के नेता सिर्फ एक ही रहेंगे और वह हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस। उन्होंने दावा किया कि अगर नेताजी होते तो हमें पूरा अखंड भारत मिलता। बर्मा, भूटान और पाकिस्तान नहीं बनता। अगर नेताजी का रंगून रेडियो पर दिया गया भाषण सुन लिया जाए तो पता चलता है कि नेताजी अखंड भारत पाने के लिए कितना संघर्षरत थे।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे साल में एक देशभक्त जरूर तैयार करें। देशभक्ति व संवेदनशीलता के भाव उसमें भरें। फिर देखना देश का माहौल किस प्रकार बदलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों पर अगर एक प्रतिशत भी चलेंगे तो उनकी जीवन सफल हो जाएगा। अगर किसी को आदर्श मानना है तो सुभाष चंद्र बोस को मानिये।
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ अलका अग्रवाल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का वह पत्र विद्यार्थियों को सुनाया जिसे उन्होंने अपनी मां को लिखा था। डॉ अलका अग्रवाल ने कहा कि अगर इस पत्र में लिखी बातों को नवजवान अपना लें तो वे अपने आपको सही देशभक्त बना सकते हैं। इससे पूर्व डॉ गदिया आदि अतिथियों ने मां शारदे, भारत माता व नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित किये। प्रज्ञात, रिनी, विनय, अरुण, विजय लक्ष्मी, अनुराग, राज, प्रेरणा वर्मा, पूर्णिमा, हरप्रीत, अदिति जैन, हिमांशी यादव, शिल्पी, शीतल आदि विद्यार्थियों ने देशभक्ति की कविताएं, गीत एवं सम्भाषण से सभी का मन मोह लिया।


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