गाजियाबाद। यदि आप शहर में आटो से कहीं जा रहे हैं और आपके साथ अपराध की कोई घटना हो जाती है या फिर आपका कोई सामान आटो में छूट जाता है तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है। बस आपको आटो पर लिखा चार अंकों वाला नंबर याद रखना है। आपके साथ कुछ मिस हैपनिंग होने पर आपको आटो का चार डिजिटल वाला सिक्योरिटी नंबर पुलिस को बताना है। इसके बाद पुलिस आटो तक पहुंच जाएगी और तुरंत आवश्यक कार्रवाई करेगी।
राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद पुलिस ने नगर में बढ़ती लोगों की समस्या के मद्देनजर पूरे जिले में शुक्रवार से आपरेशन नकेल शुरू किया है। इसका मकसद शहर की सड़कों पर अनुशासित और स्मूथ ट़ैफिक संचालित करना और अपराध पर अंकुश लगाना है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोसाइटी में जितने भी अपराध हो रहे हैं, उनमें से 80 फीसदी सड़क पर होते हैं। इनमें भी 50 फीसदी अपराध का कारण आटो विक्रम आदि हैं। महिलाओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील फब्तियां कसने और अन्य अपराध के लिए भी बड़ी हद तक आटो चालक ही जिम्मेदार हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने आपरेशन नकेल शुरू किया है। इस अभियान के तहत सबसे पहले शहर में संचालित किए जाने वाले आटो, विक्रम और अन्य प्रकार के टैंपों की नंबरिंग की जा रही है। इन सभी को यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा, ताकि कोई भी अपराध होने पर आटो की पहचान आसानी से की जा सके।
एसएसपी नैथानी ने बताया कि ट़ैफिक पुलिस द्वारा प्रत्येक आटो पर चार डिजिट का सिक्योरिटी नंबर लिखा जा रहा है। यह बहुत बड़ा.बड़ा है, ताकि आम आदमी उसे आसानी से पढ़ सके। इस सिक्योरिटी का नंबर पीड़ित व्यक्ति द्वारा पुलिस को बताने पर आटो, विक्रम या टैंपों को तत्काल ट्रेस कर लिया जाएगा। घटना से संबंधित अपराधी भी आसानी से पुलिस की पकड़ में होगा। एसएसपी के अनुसार इस व्यवस्था से एक ही रजिस्ट़ेशन नंबर पर एक से अधिक चलने वाले आटो भी आसानी से पकड़ में आ सकेंगे। इसके अलावा सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के लिए पूर्व में गाजियाबाद पुलिस आपरेशन साइलेंस और आपरेशन तिकड़ी भी चला चुकी है। आपरेशन साईलेंस में जहां सभी आटो के म्यूजिक सिस्टम और प्रेशर हॉर्न उतरवा दिए गए, वहीं आपरेशन तिकड़ी में सड़क दुघर्टनाओं के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माने जाने वाले 400 जुगाड़ वाहनों के चालान किए गए हैं। अब ऑपरेशन नकेल शुरू किया जा रहा है।


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