कायस्थ सरदार एसी भटनागर कायस्थ रत्न से सम्मानित

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो

नई दिल्ली। कायस्थ सरदार ए. सी. भटनागर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। देश के प्रतिष्ठित और 1887 में स्थापित अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के आप राष्ट्रीय संरक्षक हैं। आपका जन्म उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के ग्राम रजवाने में एक मध्यवर्गीय कायस्थ परिवार में 1 अक्टूबर, 1945 को हुआ। माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती कैलाशवती और पिता का नाम स्वर्गीय श्री तुलाराम भटनागर है।
एसी भटनागर की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा रजवाने बुलंदशहर में ही हुई। उच्च शिक्षा उन्होंने मेरठ से प्राप्त की और 1965 में दिल्ली विद्युत बोर्ड (डेसू) में आपको नौकरी मिल गई। उसके बाद दिल्ली आ गए। समाज सेवा की प्रेरणा एसी भटनागर को अपनी माता से मिली। 1970 में आप अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के संपर्क में आए। उस समय संस्था के अध्यक्ष स्वर्गीय नारायण शंकर माथुर थे। उनके व्यक्तित्व से एसी भटनागर बहुत प्रभावित हुए। इसके बाद आपने समाजसेवा और कायस्थ महापरिवार की सेवा का प्रण लिया तो कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा।
1971 में एसी भटनागर ने श्री चित्रगुप्त कायस्थ सभा दिल्ली का पंजीकरण करवाया। इनकी देखरेख में 1972, 1980 और 1985 में देश की राजधानी दिल्ली में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के वार्षिक उत्सव बहुत भव्य तरीके से मनाए गए। इस बीच कायस्थ महापरिवार को संगठित करने का कार्य चलता रहा। सन 2000 में एसी भटनागर के नेतृत्व में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का 119वां राष्ट्रीय महाउत्सव बड़ी धूमधाम से आईआईटी दिल्ली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर आपको कायस्थ सरदार की उपाधि से सम्मानित किया गया।
एसी भटनागर ने महापरिवार की सेवा के लिए श्री चित्रगुप्त चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की। आज आप इस संस्था के कोषाध्यक्ष हैं। इसके अलावा वर्तमान में एसी भटनागर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक हैं। आपके तीन सुपुत्र हैं- विकास भटनागर, नीरज भटनागर और संदीप भटनागर। विकास भटनागर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रकोष्ठ अध्यक्ष हैं। उनके अंदर भी वही जज्बा देखने को मिलता है और वह भी समाज के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।
एसी भटनागर के जीवन का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा और कायस्थ महापरिवार को संगठित कर उनका विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए वे कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। आप आर्य समाज समेत देश की कई अन्य संस्थाओं से भी संबद्ध हैं। गुरुवार 01 अक्टूबर 2020 को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के माध्यम से आपको समाजसेवा करते हुए 50 वर्ष पूरे हो गए। आज ही आपका जन्मदिवस भी है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तमाम पदाधिकारियों ने आपके 75वें जन्मदिन पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। दिल्ली से प्रकाशि हिन्दी प्रदेशों के लोकप्रिय समाचार पत्र राष्ट्रीय जनमोर्चा ने इस अवसर पर एक सादे समारोह में एसी भटनागर को कायस्थ रत्न से नवाजा है। यह सम्मान पत्र आपको उत्कृष्ट समाजसेवा एवं देश में कायस्थ समाज को आगे बढ़ाने के क्षेत्र में सराहनीय और उल्लेखनीय योगदान देने के लिए हिन्दुस्थान समाचार के वरिष्ठ पत्रकार व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के विशेष सलाहकार जितेन्द्र बच्चन के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा गाजियाबाद के संयोजक तथा सह प्रभारी विकास सक्सेना भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्री भटनागर को बहुत-बहुत बधाई दी है।
एबीकेएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविनंदन सहाय ने हर सम्मान को एसी भटनागर के कद से छोटा बताया है। उन्होंने कहा है कि श्री भटनागर अपने आप में एक संस्था हैं। देश के विभिन्न प्रदेशों के कायस्थ उन्हें अपना आदरणीय मानते हैं। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उन्हें अपना एक स्तंभ मानती है और भगवान श्री चित्रगुप्त से प्रार्थना करती है कि आप सदैव स्वस्थ रहें। आपकामार्गदर्शन निरंतर मिलता रहे। आपके सद्विचारों व अच्छे कार्यों से कायस्थ बंधुओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहे। सहाय ने कहा है कि श्री भटनागर के द्वारा कायस्थ हित में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और विचारों से नि:संदेह कायस्थ समाज मजबूत और सशक्त होगा। इस अवसर पर कई समाजसेवी और गणमान्य उपस्थित रहे।

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