- अछैबर लाल
गाजियाबाद। जिला प्रशासन ने एमएमएच डिग्री कालेज में कोविड-19 अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। जबकि यहां की स्थिति बहुत ही नाजुक है। दरअसल, इस डिग्री कालेज में कही से भी पहुंचने के लिए एक ही संकरा रास्ता है और वह भी घनी आबादी के बीच से गुजरता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने कोविड अस्पताल बनाने का विरोध किया है। पूर्व पार्षद अमोल वशिष्ठ ने कोविड अस्पताल बनाने के विरोध में कालोनी के लोगों के साथ कालेज के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी अजय शंकर को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपकर निर्णय बदलने की मांग की है।
सांकेतिक प्रर्दशन करने वाले मॉडल टाउन के पूर्व पार्षद अमोल वशिष्ठ ने अस्पताल का स्थान न बदले जाने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। सोमवार को भी उन्होंने कालोनी के लोगों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रकाश शुक्ला से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन की प्रति दी। शुक्ला ने मौखिक आश्वासन देते हुए कहा कि आपकी मांग पर प्रशासन पूरी तरह से विचार करेगा। फिलहाल, एमएमएच कालेज को अस्पताल में बदलने की योजना को अभी स्थगित किया जा रहा है। वहीं इस मामले में कालेज प्रशासन ने मौन धारण कर रखा है। क्योंकि वह प्रशासन के अधीन है, जबकि 1 जुलाई से यहां परिक्षाएं शुरू होनी हैं।


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