दुष्टों का स्वभाव हर किसी से दुश्मनी लेना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल युद्ध में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। जवानों की बहादुरी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था। पीएम ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि दुष्टों का स्वभाव ही होता है हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना। इसलिए भारत की मित्रता के जवाब में पाकिस्तान ने पीठ में छुरा घोंपने का काम किया, उसके बाद पूरी दुनिया ने भारत की वीर सेना का पराक्रम देखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता। पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था। उन्होंने कहा कि उस समय मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है।
पीएम ने जोर देकर कहा कि देश में कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। हमें बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। चेहरे पर मास्क लगाना या गमछे का उपयोग करना, दो गज की दूरी, लगातार हाथ धोना, कहीं पर भी थूकना नहीं, साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना, यही हमारे हथियार हैं जो हमें कोरोना से बचा सकते हैं। मैं, आपसे आग्रह करूंगा जब भी आपको मास्क के कारण परेशानी होती हो, उसे उतारने का मन करता हो, तो पल-भर के लिए उन डॉक्टर्स का स्मरण कीजिये, उन नर्सों का स्मरण कीजिये, हमारे उन कोरोना वारियर्स का स्मरण कीजिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजकल, युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते हैं, देश में भी कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाता है और हर एक देशवासी को उसमें अपनी भूमिका तय करनी होती है। पिछले कुछ महीनों से पूरे देश ने एकजुट होकर जिस तरह कोरोना से मुकाबला किया है, उसने अनेक आशंकाओं को गलत साबित कर दिया है। आज, हमारे देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, साथ ही हमारे देश में कोरोना से मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफी कम है।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण से हमेशा आपदा को अवसर में, विपत्ति को विकास में बदलने में मदद मिलती है। हम कोरोना के समय भी देख रहे हैं कि कैसे देश के युवाओं-महिलाओं ने प्रतिभा और कौशल के दम पर कुछ नये प्रयोग शुरू किये हैं। बिहार में कई वूमन सेल्फ हेल्प गुप्स ने मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क बनाना शुरू किया है और देखते ही देखते ये खूब पॉपुलर हो गए हैं। ये मधुबनी मास्क एक तरह से अपनी परंपरा का प्रचार तो करते ही हैं, लोगों को स्वास्थ्य के साथ रोजगार भी देते हैं।

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