राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। रोहित चौहान रेलवे में कार्यरत हैं। बदरपुर स्थित मीठेपुर में रहते हैं। वह 24 नवम्बर को मोटरसाइकिल से कनाट प्लेस गए थे। वहां से लौटते समय मंडी हाउस से पहले वाली रेड लाइट पर रोहित का पर्स गिर गया। पर्स में 5120 रुपये थे। इसके अलावा दो बैंकों के क्रेडिट कार्ड, रेलवे का आई कार्ड, गाड़ी की आरसी, मेट्रो का कार्ड, आयकर परिचय पत्र, पिता का आर्ड कार्ड और भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पर्स में थे।
रोहित को रुपये से ज्यादा अपने तमाम दस्तावेजों की चिंता थी, तभी ष्हिन्दुस्थान समाचारष् के सहायक संपादक जितेन्द्र बच्चन का फोन आया। उन्होंने बताया कि उनका बटुआ (पर्स) उन्हें कनॉट प्लेस में मिला है। वह उनके दफ्तर में आकर प्राप्त कर सकते हैं। रोहित चौहान चकित रह गए। एक तरफ उनको अपना पर्स मिलने की खुशी थी तो दूसरी तरफ वरिष्ठ पत्रकार की ईमानदारी से वह चकित थे। रोहित कहते हैं, हमें यकीन नहीं हो रहा था कि आज के समय में कोई इतना ईमानदार भी होगा और वह खुद ही फोन कर के सूचना देगा।
सोमवार को रोहित चौहान देश की बहुभाषीय न्यूज एजेंसी ‘हिन्दुस्थान समाचार’ के दफ्तर पहुंचे। जितेन्द्र बच्चन ने उन्हें उनका बटुआ दिया तो रोहित भावुक हो उठे। उनके साथ उनके चाचा भी थे। दोनों लोगों ने अपने घर-परिवार के बारे में भी बहुत-सी बातें साझा की। पर्स में सबकुछ यथावत था। उसे देखकर रोहित को बहुत खुशी हुई। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन का आभार जताते हुए कहा, ‘आपने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मैं भी अपने जीवन में इसका सदैव अनुकरण करुंगा।’


Leave a Reply