राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन के उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश शोषित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नितेश पाल ने कोरोना संकट काल और लॉकडाउन की स्थिति में मजदूरों के पलायन पर चिन्ता जताई है। उन्होंने कहा है कि मैं समाज के उन मठाधीशों से पूछना चाहता हूं कि जब यहां मजदूर रहेगा ही नहीं तो उद्योग-धंधे कैसे चलेंगे? कामकाज ठप पड़ जाएगा। इससे गरीबी और महंगाई और बढ़ेगी।
नितेश पाल ने कहा है कि आज जो हालात बन रहे हैं, उससे मजदूर एवं समाज में छोटे कार्य करने वालों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल फीस नहीं माफ कर रहे है। ऐसे में जो गरीब व मजदूर तबका है, उनके पास न तो रोजगार है और न ही किसी का कोई सहारा। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना कैसे पूरा होगा? आखिर पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया।
उत्तर प्रदेश शोषित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नितेश पाल यहीं नहीं रुकते। वह मेहनत-मजदूरी करने वालों को लेकर राजनीति करने वालों पर भी तंज कसते हैं। उनका कहना है कि आज मजदूर की जो सियासत कर रहे हैं, वे सिर्फ और सिर्फ अपनी रोटियां सेक रहे हैं। घर में बैठकर जो टेबल की राजनीति कर रहे हैं, वह उनसे पूछना चाहते है कि अगर मजदूर पलायन कर जाएगा तो तमाम उन उद्योग-धंधों का क्या होगा जो मजदूरों पर टिका हुआ है? उन मजदूरों के बच्चों का भविष्य क्या होगा जो यहां पढ़ रहे थे और अब बीच में उनकी पढ़ाई छूट गई है।
पाल ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ के माध्यम से शासन एवं प्रशासन से अपील की है कि गरीब और मेहनत-मजदूरी करने वालों के बारे में वह गंभीरता से सोचे। मजदूरों के पालायन को आर्थिक मदद कर रोका जाए। उनके बच्चों की शिक्षा के बारे में विशेष रुचि ली जाए। उन्होंने कहा कि राजनेता भी इस कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाएं, तभी इंडिया पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।


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