राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। कोरोना संकट के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है। यह लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। इसके कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसिलए स्कूलों द्वारा बच्चों को आनलाइन पढ़ाने का निर्णय किया गया है, लेकिन यह फैसला मासूम बच्चों के लिए अच्छा नहीं साबित हो रहा है। इससे बच्चों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। खासकर मासूम बच्चों की आंखें प्रभावित हो रही हैं।
बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने का महिला उन्नति संस्था ने विरेाध किया है। आज शुक्रवार को संस्था के पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक बैठक कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस दिशा में एक पत्र लिखा है। संस्था के संस्थापक डॉ राहुल वर्मा ने इस विधि का विरोध किया है। उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर इसे तुरंत बंद करने का अनुरोध किया है।
डॉ वर्मा ने बताया कि फोन पर लगातार आनलाइन क्लास लेने के कारण एक से दस साल के बच्चों की आंखों पर गहरा असर पड़ रहा है, जिससे बच्चो की आंखों से पानी आने और आंखों में दर्द की शिकायत देखने को मिल रही है। साथ ही पढ़ाई के नए स्वरूप से बच्चो में चिड़चिड़ापन बढ रहा है। इसलिए संस्था द्वारा मुख्यमंत्री से बच्चों की उम्र एवं उनके स्वास्थय को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों द्वारा एक से दस साल के बच्चों को आनलाइन पढ़ाई न कराये जाने को लेकर निर्देश देने की अपील की है । बैठक में रणवीर चंदीला, विजय तंवर और महासचिव अनिल उपस्थित रहे।


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