राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
वडोदरा (गुजरात)। गायत्री विकलांग मानव मंडल देश की अलग-अलग विधाओं में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 101 हस्तियों को ‘सरदार वल्लभभाई पटेल दिव्य रत्न’ अवार्ड से सम्मानित करेगा। यह कार्यक्रम रविवार, 7 दिवंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मनीषाबेन वकील, सांसद डॉ हेमांग जोशी और अति विशिष्ट अतिथि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार श्री जितेन्द्र बच्चन हैं। इनके अलावा और भी कई सांसद, विधायक व अन्य विशिष्ट जन सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगे।
संस्था की संचालक श्रीमती रूकमणि देवी माहेश्वरी ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि गैर सरकारी संगठन ‘गायत्री विकलांग मानव मंडल’ वडोदरा दिव्यांगजनों के लिए गुजरात में कई वर्षों से काम कर रहा है। दिव्यांग सशक्तिकरण और जन कल्याण संस्था की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जो लोग दिव्यांगों के लिए देश में काम कर रहे हैं या अन्य तरह की समाजिक सेवा में संलग्न हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर यह संस्था हर वर्ष ऐसे लोगों को दिव्य रत्न अवार्ड से सम्मानित करती है।
श्रीमती रूकमणि देवी के अनुसार, इस वर्ष सम्मान समारोह रविवार, 7 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। भव्य व दिव्य कार्यक्रम के लिए वडोदरा में वेमाली, न्यू समा रोड स्थित जय अंबे स्कूल ऑडिटोरियम को चुना गया है। यहीं पर विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजन किया जाएगा। समारोह की मुख्य अतिथि गुजरात की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मनीषाबेन वकील, सांसद डॉ हेमांग जोशी और अति विशिष्ट अतिथि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जितेन्द्र बच्चन हैं। इनके अलावा और भी कई मंत्रियों, सांसदों, विधायकों व अन्य विशिष्टजनों को सम्मान समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है।
श्रीमती रूकमणि देवी माहेश्वरी ने सभी से अपील की है कि समाज सेवा का कोई भी कार्य सहयोग के बिना नहीं हो सकता। हर किसी को इसमें योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजसेवा का मतलब सिर्फ़ बड़े काम ही नहीं हैं, बल्कि इसमें छोटे-छोटे कार्य भी शामिल हैं, जैसे कि जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देना। भूखे को भोजन, प्यासे को पानी, बीमार व्यक्ति को दवा, अनाथों को आश्रय के अलावा अन्य किसी भी प्रकार से किसी जरूरतमंद की आवश्यकता को जानकर निस्वार्थ उसकी मदद करना ही समाज सेवा का सबसे बड़ा लक्षण है। लेकिन यह तभी संभव होगा, जब समाज और सरकार भी इसके लिए हमारा सहयोग करे।


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