राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती पर आयोजित 18वें पत्रकार प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह में सात पत्रकारों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय, मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार बनवारी, इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया और निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने पत्रकारों को प्रदान किया।
मंगलवार को आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र तिवारी, को पत्रकार प्रतिष्ठा सम्मान एवं वरिष्ठ साहित्यकार दिल्ली विश्वविद्यालय हिन्दी विभागाध्यक्ष व साहित्य अकादमी नई दिल्ली की उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुमुद शर्मा को साहित्य प्रतिष्ठा सम्मान से नवाजा गया। जबकि पत्रकार संजय श्रीवास्तव, अवनीश कुमार मिश्र, रश्मि ओझा एवं विनोद पांडेय को पत्रकार गौरव सम्मान प्रदान किया गया। सभी को शॉल, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह व नकद राशि प्रदान की गई।
राम बहादुर राय ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मालवीय जी व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे। वह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बड़े उदाहरण हैं। डॉ. गदिया ने कहा कि मालवीय जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी, पत्रकार, वकील, गायक, कथावाचक, देशभक्त व युगदृष्टा थे। देश में प्रोफेशनल्स तैयार हो सकें, इसके लिए उन्होंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी बनाई। मुख्य अतिथि बनवारी ने कहा कि शासक आते-जाते रहते हैं। लेकिन प्रजा हमेशा रहती है। मालवीय जी ने जो काम किये, जो आदर्श स्थापित किये, उन्हें हम अपने जीवन में उतारें।
प्रोफेसर कुमुद शर्मा ने कहा कि मेवाड़ संस्थान मालवीय जी के जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है, यह उल्लेखनीय प्रयास है। मालवीय जी स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पुरुष थे। साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा और देश के प्रति उनका अवदान बहुमूल्य है। इससे पूर्व समारोह की शुरुआत प्राची वर्मा एवं प्रियंका ने सरस्वती वंदना से की। डीएलएड की छात्रा आयुषी और अंशु श्रीवास्तव ने मालवीय जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। सफल संचालन अमित पाराशर ने किया।


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