विधानसभा चुनाव: कामां को आईटी हब बनाने का संकल्प

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर नामांकन के अंतिम दिन भरतपुर-डीग जिले की 7 विधानसभा क्षेत्र से 60 प्रत्याशियों ने 72 नामांकन किए हैं। कुछ खामी न रह गई हो, इस डर से कई उम्मीदवारों ने चार-चार नामांकन दाखिल किए हैं। जबकि कई डमी प्रत्याशियों ने भी पर्चा भरा है। सबसे ज्यादा कामां सीट से 28 नामांकन हुए हैं। आज मंगलवार की सुबह 11 बजे से रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में ऑब्जर्वर की उपस्थिति में नामांकन पत्रों की जांच शुरू कर दी गई है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 नवंबर है। इस बीच कामां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे समाजसेवी एवं युवा नेता भगवंता सिंह ने कामां को आईटी हब बनाने का संकल्प लिया है। उनका दावा है कि इससे कामां का विकास कोई नहीं रोक सकता।
महिला आरक्षण पर कांग्रेस और बीजेपी की पोल खुली :
33 प्रतिशत महिला आरक्षण पर बीजेपी-कांग्रेस दोनों को बेनकाब करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार भगवंता सिंह कहते हैं, महिलाओं को दिए गए इस आरक्षण को लेकर पिछले दिनों बीजेपी और कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़ मची रही। बीजेपी का कहना है कि उसने नारी शक्ति को आरक्षण देकर उनका सम्मान किया है। कांग्रेस का दावा है कि राजीव गांधी ने पंचायती राज में महिलाओं को आरक्षण देकर नारी को सशक्त बनाया। कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की पैरवी करती रही है, लेकिन अब विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस की नियत सामने आ गई है। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने महज 20 (10 फीसदी) महिला प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने का अवसर दिया है, जबकि कांग्रेस ने केवल 28 (14 प्रतिशत) महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है। इससे 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के समर्थन का ढिंढोरा पीटने वाली कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों को पोल खुल गई है।
महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा :
भगवंता सिंह कामां विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई और बेरोजगारी को मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार को चाहिए था कि यहां के युवाओं को रोजगार देती। उसके पास विकास के लिए बेहतरीन काम करने का समय था, लेकिन कामां के युवा बताते हैं कि कोई विकास नहीं हुआ और न ही उनकी बेरोजगारी दूर हुई। कामां की महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि महंगाई इतनी बढ़ गई है कि जीना मुश्किल हो गया है। भगवंता सिंह कहते हैं, “अगर बेरोजगारी दूर हो जाए तो जीवन सरल हो जाता है। घर-गृहस्थी का गाड़ी आसानी से आगे बढ़ सकती है। लेकिन कांग्रेस और भाजपा को जब भी यहां से मौका मिला, उसने कुछ नहीं किया। अगर किया होता तो कामां के लोग बदलाव की बात न करते।”
आईटी क्षेत्र में कामां को हब बनाना मुख्य उद्देश्य :
भगवंता सिंह का कहना है, सड़क के किनारे जो लोग गरीबी का जीवन जी रहे हैं, हमने उनके लिए काम किया है और आगे भी करेंगे। उनके बच्चों को शिक्षा दिलाने का कार्य सबसे महत्वपूर्ण हैं। हम चाहते हैं कि कामां शिक्षा का हब बने, यह हमारा मुख्य उद्देश्य है। यहां का एक भी बच्चा अशिक्षत और बेरोजगार नहीं होना चाहिए। हमारी टीम इस योजना पर बहुत पहले से काम कर रही है। यह वक्त है हमें और मजबूती प्रदान करने की। अगर कामां के लोगों ने हमें अपना प्यार और आशीर्वाद दिया तो निश्चित ही जल्द ही कामां की गिनती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी। यह हमारा दावा है और आज तक हमने जो कहा है, वह किया भी है।
नवजवान साथी कर रहे हैं प्रचार :
भगवंता सिंह का कहीं बैनर-पोस्टर नहीं दिखता। उनका कहना है कि जब आपकी जगह लोगों के दिलों में बन जाए तो बैनर की क्या जरूरत है। कामां में जहां भी ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ की टीम गई, भगवंता सिंह का कोई बैनर नहीं दिखा। फिर प्रचार कैसे कर रहे हैं? इस सवाल के जवाब में भगवंता सिंह बताते हैं, “हम घर-घर जा रहे हैं। हर किसी से मिल रहे हैं। उन्हें अपने हक के प्रति जागरूक कर रहे हैं। गांव के लोग खुद टीम बनाकर हमारा प्रचार कर रहे हैं। यहां के सभी नवजवान साथी हमारा नाम और चुनाव चिन्ह बता रहे हैं। मताएं, बहनें, युवक सभी के दिलों में हमारी जगह बनी है और यही हमारे प्रचार का सबसे बड़ा माध्यम है।
बेहतर कामां के लिए जरूरी है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर :
भगवंता सिंह बताते हैं, हम जहां-जहां जा रहे हैं, लोगों का बहुत प्यार मिल रहा है। लोग रास्ता रोककर हमें सुनने की गुजारिश करते हैं। हम उन्हें बता रहे हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की दिशा में कैसे उनका भविष्य उज्जवल हो सकता है। यहां के लोगों को अब यह भी पता है कि जाति-धर्म से ऊपर उठकर हम विकास की नीतियां बनाने में यकीन करते हैं और उसी पर अब कामां में काम होगा। क्योंकि बेहतर कामां के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होना जरूरी है।

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