राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन डेंगू पर विपक्ष के सवालों का सीएम योगी ने करारा जवाब दिया। खासकर उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के संबंध में जो वक्तव्य दिया गया है तो याद रखना कि यह डबल इंजन की सरकार है, यह कहती नहीं बल्कि करके भी दिखाती है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकारी अस्पतालों में लोगों को डेंगू का इलाज नहीं मिल रहा और लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हैं। नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायकों के सवालों का जवाब डिप्टी सीएम और हेल्थ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक दे रहे थे। विपक्षी विधायकों के शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खड़े हुए और उन्होंने चुन-चुनकर सारे आरोपों का जवाब दिया।
चेहरा देखकर नहीं दी जाती सहायता :
सीएम योगी ने प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को लेकर किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के अंदर 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए सालाना स्वास्थ्य बीमा का कवर भी ये सरकार उपलब्ध करा रही है। किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल में उसे सभी सुविधाएं मिल रही हैं। पूरा सदन गवाह है कि हर माननीय सदस्य को सदन के द्वारा अपनी निधि से 25 लाख रुपए सालाना देने का अधिकार दिया गया है। यही नहीं, मुख्यमंत्री राहत कोष से हम चेहरा देखकर पैसा नहीं देते हैं। कोई भी व्यक्ति आवेदन करता है, उसकी जाति, उसका मत और मजहब नहीं देखा जाता है। वो पीड़ित राज्य का नागरिक है, उसको प्रदेश में, देश में या दुनिया में कहीं भी स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा मिलती है तो मुख्यमंत्री राहत कोष से भी हम पैसा देने में हम कोई कोताही नहीं करते।
विपक्ष को समझाया बीमारियों का भूगोल :
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में क्षेत्रवार बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ आबादी का राज्य है और स्वाभाविक रूप से अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन होने के नाते अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग बीमारियां देखने को मिलती हैं। जैसे आप ईस्टर्न यूपी से चलकर के नेपाल की तराई से लेकर सहानपुर तक देखेंगे तो इंसेफेलाइटिस से पूरा क्षेत्र प्रभावित था। अगर आप बरेली और बदायूं के आसपास के क्षेत्र को देखेंगे तो यह मलेरिया से ज्यादा संक्रमित रहता था। वाराणसी से प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर होते हुए फिरोजाबाद और आगरा तक पहुंचेंगे तो यह पूरा क्षेत्र डेंगू से प्रभावित है। बुंदेलखंड क्षेत्र में देखेंगे तो यह पूरा क्षेत्र चिकनगुनिया से प्रभावित है। बिहार से सटे हुए जो क्षेत्र हैं वहां पर कालाजार ज्यादा प्रभावी रूप से देखने को मिलता था। उन्होंने कहा कि आपने सिर्फ डेंगू की चिंता की, डेंगू पूरी तरह से नियंत्रण में हैं जो सरकार के द्वारा समय से उठाए गए कदमों का परिणाम है।
28 हजार करोड़ का पेश किया अनुपूरक बजट :
उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को वित्त वर्ष 2023-24 का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की तरफ से सदन में 28 हजार 760 करोड़ 67 लाख रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया। सदन में अनुपूरक बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वित्तीय वर्ष 23-24 में प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार 28,760.67 करोड़ है। इसमें राजस्व लेखे का व्यय 1946.39 करोड़ रुपए है। पूंजी लेखे का व्यय 9,714 करोड़ रुपए है। प्रस्तावित अनुपूरक मांग मे नई मांग की कुल धनराशि 7,421.21 करोड़ रुपए के प्रस्ताव सम्मिलित हैं। चालू योजनाओं में इसके लिए 21,339.46 करोड़ रुपए के प्रस्ताव हैं। अनुपूरक बजट प्रदेश में विकास की गति को और रफ्तार देगा। सरकार की जो तमाम कार्य योजनाएं हैं, यह बजट उनको पूरा करेगा। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने बजट का विरोध किया करते हुए बॉयकाट भी किया।


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