संस्कार भारती में कला-साहित्य का संगम, 60 साहित्यकार सम्मानित

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड ने सुरेशपाल वर्मा ‘जसाला’ को आठ और इंडियन रिकार्ड् बुक ने पांच कीर्तिमान देकर किया अभिनंदन
नई दिल्ली। साहित्य और कला दोनों भावों और विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम हैं। साहित्य कलम के आधार पर अपनी शक्ति का परिचय देता है तो कला तूलिका के दम पर अपना लोहा मनवाती है। किन्तु दोनों की गोदी में सृजन का शंखनाद है, आनंद का व्यवहार है और दोनों के उद्देश्यों में जन कल्याण के भाव निहित हैं। रविवार, 24 दिसम्बर 2023 को आईटीओ स्थित संस्कार भारती में आयोजित कार्यक्रम में कुछ नयापन देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
जसाला फाउण्डेशन (पंजी.) दिल्ली और सुप्रभात मंच (पंजी.) दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शानदार सम्मान समारोह में अलग-अलग विधाओं की 80 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिनमें देश-विदेश के 60 साहित्यकार शामिल हैं। भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने की। मुख्य अतिथि हरिद्वार के प्रसिद्ध साहित्यकार पं. ज्वाला प्रसाद शांडिल्य और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार व राष्ट्रीय जनमोर्चा के संपादक ‘भारत गौरव’ जितेन्द्र बच्चन रहे। इनके अलावा मंच पर साहित्यकार विजय स्वर्णकार और युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के अध्यक्ष रामकिशोर उपाध्याय भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
साहित्य जगत में धमाका :
सुप्रसिद्ध कवि, उत्कृष्ट साहित्यकार, अनूठे चित्रकार, नयी काव्य विधाओं के जनक और सामाजिक कार्यों के प्रणेता सुरेशपाल वर्मा जसाला बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह जिस काम को करते हैं, लगन से करते हैं। तभी तो अपनी पांच नई काव्य विधाओं एवं एक नई कला विधा के साथ, प्राचीन अनेकों विधाओं में एक साथ 25 पुस्तकों का विमोचन कर साहित्य जगत में धमाका कर दिया। वहीं किसी प्रधानमंत्री या राजनेता पर अब तक की सबसे बड़ी रंगीन पुस्तक ‘यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी’ लाकर श्री जसाला ने आठ रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये। वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उनको आठ नये वर्ल्ड रिकॉर्ड देकर अभिनंदित किया है। साथ ही इंडियन रिकार्ड् बुक ने भी पांच कीर्तिमान देकर जसाला जी के काम को सराहा है।
जसाला जी द्वारा स्थापित आठ विश्व रिकॉर्ड:
(1)- किसी भी प्रधानमंत्री या राजनेता पर अब तक की सबसे बड़ी रंगीन पुस्तक (“यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी” तीन फुट दो इंच लम्बी अर्थात 96×33 सेमी लम्बी पुस्तक), (2)- विश्व की सबसे छोटी रचना / कविता “मनका”, विधि विधान सहित (3)- काव्य में पांच नई विधाओं के जनक: अ- वर्ण पिरामिड या जसाला पिरामिड, ब- सिंहावलोकनी दोहा मुक्तक, स- मनका (विश्व की सबसे छोटी रचना), द- मनका गीत (मनका विधा पर आधारित गीत), य- चक्रण छंद या जसाला छंद। (4)- कला / पेंटिंग्स में रस्सी का अभिनव / प्रथम प्रयोग (5)- अपने द्वारा लिखित 25 पुस्तकों का एक साथ विमोचन (जिसमें उनके द्वारा दी गई साहित्य की पांच नई विधाएं एवं कला की एक नई विधा के साथ पुरानी अनेक विधाओं में) (6)- विश्व में किसी पुस्तक की सबसे लम्बी भूमिका (अथ से इति – वर्ण स्तम्भ पुस्तक की 41 पृष्ठों की भूमिका) (7)- कला में विश्व का सबसे बड़ा गले का हार (लकड़ी पर रस्सियों का काम, 370 सेमी लम्बा हार) और (8)- कला में विश्व का सबसे बड़ा झुमका (लकड़ी व प्लास्टिक पर रस्सी का काम, 190 सेमी लम्बा झुमका जिसका भारत 15 किलो 900 ग्राम है।)
80 प्रतिभाओं को किया सम्मानित :
और इन सभी के साथ कला जगत में रस्सी के अभिनव प्रयोग से कला प्रदर्शनी लाकर हुंकार भर दी। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी सुरेशपाल वर्मा जसाला को एक दिन में एक साथ 13 रिकार्ड्स मिलना और उनकी संस्था द्वारा विभिन्न क्षेत्र में काम करने वाली विभिन्न 80 प्रतिभाओं को सम्मानित करना, जिनमें अमेरिका, आसाम, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड , दिल्ली आदि प्रदेशों से विशेष विभूतियां शामिल हैं, बताता है कि जसाला जी यहीं रुकने वाले नहीं हैं।
महान व्यक्तित्व के धनी :
कर्म में विश्वास रखने वाले श्री जसाला ने बताया कि मरने के बाद यह शरीर मिट्टी में ही मिलना है। उससे पहले इसे जितना भी घिस लिया जाए उतना ही अच्छा है। 65 बसंत पार करने वाले महान व्यक्तित्व के धनी जसाला जी के काम करने का जज्बा औरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और शतायु होने की कामना करता है।
सुरेशपाल वर्मा जसाला की एक साथ 25 पुस्तकों का विमोचन :
1- गीतों की गांठ (गीत) , 2- मेरी डायरी : प्रवासिका, 3- दोहा दर्पण (दोहा सतसई), 4- मल्लिकार्जुन अभिलेख (यात्रा और ऐतिहासिक संबंध), 5- नवविधा: वर्ण पिरामिड (वार्णिक रचना), 6- नव प्रयोग : मनका (विश्व की लघुत्तम वार्णिक रचना), 7- वर्ण पिरामिड के प्रारम्भिक रचनाकार, 8- नव प्रयोग : मनका के प्रारम्भिक रचनाकार, 9- उज्जैन और सिंहासन बत्तीसी (यात्रा और ऐतिहासिक संदर्भ), 10- भावों की खनक (आधुनिक रचनाएं), 11- विकास पुरुष मोदी (ऐतिहासिक), 12- शब्द और चित्र (मेरी कला एवं लेख और कविता), 13- सिंहावलोकनी दोहा मुक्तक (विधि विधान सहित), 14- चक्रण छंद या जसाला छंद (विधि विधान सहित), 15- सरल छंद विधान (भाग – 2) (मेरे द्वारा रचित नव विधाएं), 16- गुड़िया (कहानी संग्रह), 17- आनंद की रश्मियां (काव्य), 18- मनका गीत (विधान सहित), 19- कागज पर रंगों का खेल, 20- कैनवास पर रंगों का मंचन, 21- रंग और रस्सी का अभिनव प्रयोग, 22- संदर्भ अभिलेख, 23- पराक्रम के शिलालेख, 24- यशस्वी प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी और 25- दर्पण झूठ नहीं बोलता (जीवन परिचय)।

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