राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश नाटक आदमी द्वारा आयोजित चार दिवसीय संभागीय नाट्य समारोह की शुरुआत शुक्रवार को रूसी लेखक के एंतोन चेखोव के नाटक ‘बाजी’ से हुई। चेखोव की इस कहानी का नाट्य रूपांतरण अविनाश चंद मिश्रा और निर्देशन प्रवीण शेखर ने किया था। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक अतुल गार्ग रहे। प्रयागराज की संस्था “बैक स्टेज” की इस प्रस्तुति को सतीश तिवारी, नम्रता सिंह, अमर सिंह, प्रत्यूष वार्ष्णेय व मोहित कुमार ने अपने जीवंत अभिनय से यादगार बना दिया।
नाटक की कहानी मृत्यु दंड और आजीवन कारावास के बीच के द्वंद के दिलचस्प अंतर को लेकर आगे बढ़ती है। जिसमें मुख्य पात्र उद्योगपति गोयल और अधिवक्ता सक्सेना के बीच शर्त लगती है कि वकील अगर 10 वर्ष के लिए उसकी कैद में रहेगा तो वह शर्त के तौर पर उसे 10 करोड़ रुपये देगा। वर्ष 1889 में लिखी गई यह कहानी आज के सामाजिक संदर्भों की मुकम्मल तस्वीर नजर आती है।
अकादमी की नाट्य प्रभारी सुश्री शैलजाकांत ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। नाटक में संगीत एवं ध्वनि प्रभाव अमर सिंह ने, प्रकाश व्यवस्था टोनी सिंह ने, वेशभूषा अनुज कुमार ने, मंच सज्जा सिद्धार्थ पाल ने संभाली। प्रस्तुति में शुभ यादव व सुमित कुमार ने भी सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार व पत्रकार प्रताप सोमवंशी, सुप्रसिद्ध रंगकर्मी जेपी सिंह, बलदेव राज शर्मा, ललित जायसवाल, सुभाष गर्ग, एसीपी रवि कुमार सिंह, आलोक यात्री, आभा बंसल, राज कौशिक, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, पृथ्वी सिंह, राजीव वशिष्ठ, वीके अग्रवाल, प्रशांत कुमार यादव व दुर्गेश विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। समारोह के आयोजक श्री जायसवाल ने बताया कि आगामी तीन दिनों में ‘द गुड डॉक्टर’, ‘प्रणाम काकोरी’ व ‘शिलप्पादिकारम’ का मंचन किया जाएगा।


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