राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुजफ्फरपुर। साहित्यकार श्रीनिवास सिंह का रविवार, 10 नवंबर को निधन हो गया। उनके निवास शिव शंकर पथ पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन मुजफ्फरपुर के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने दिवंगत साहित्यकार को याद करते हुए कहा कि श्रीनिवास सिंह साहित्य के प्रति सदैव संवेदनशील रहा करते थे। वह शहर के प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय शिवदास पांडे के निकटतम में से एक थे। बिहार प्रशासनिक सेवा के पश्चात उनकी साहित्यिक रुचि, साहित्यिक लेखन एवं साहित्यिक सोच अपूर्णनीय है।
उन्होंने बताया कि श्रीनिवास सिंह का जन्म भैसही जिला गोपालगंज में 20 जुलाई 1949 को हुआ था। उनके लेखन में 1857 की कहानी पेशवा की जनानी, नई सोच दो भाग में, जीवन पाल जीवन काल की पहली किताब दो भाग में, पर्यावरण मित्र, राजराजेश्वरी देवल, हिंदी पत्रकारिता का व्योम, भारत डांट काम महा प्रलय से पहले इत्यादि प्रमुख थी। इधर लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके परिवार में पत्नी तथा चार बेटे हैं।
शोक सभा में उदय नारायण सिंह, प्रेम कुमार वर्मा, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव, परमानंद सिंह उर्फ लल्लू सिंह, सुरेश कुमार साहू, सुभाष राय, पत्नी गीता सिंह, पुत्र अमिताभ अगस्त्य, कुमुद कौटिल्य, पुष्कर पुलस्त्य, अभिषेक अश्वनी आदि उपस्थित रहे। सभी ने अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

Leave a Reply