राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। ‘बारादरी’ की महफ़िल के अध्यक्ष अज्म शाकिरी ने कहा कि देश दुनिया में बारादरी अब किसी पहचान की मोहताज नहीं है। अपने अदब के सफर में बारादरी ने एक खास मुकाम हासिल कर लिया है। अपनी विशिष्टता की वजह से ही बारादरी की नसिशतें मुशायरों से आगे निकल गई हैं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अंजू सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन अदब को समृद्ध करते हैं। इस अवसर पर जीवन पर्यंत साहित्य सृजन के लिए डॉ. राम सिंह, नेहा वैद और तरुणा मिश्रा को ‘बारादरी सृजन सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. तारा गुप्ता की सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अशआर से नवाजते हुए आज़्म शाकिरी ने कहा ‘बेच आए हैं खुद को सस्ते में, अब खड़े रो रहे हैं रास्ते में… और उनका यह शेर ‘रात भर ओस में भीग कर चांद को ऐसी सर्दी लगी, सारा दिन धूप में बैठकर अपने कपड़े सूखता रहा’ खूब सराहा गया। अंजू सिंह, गोविंदा गुलशन के बाद बारादरी की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. माला कपूर ‘गौहर’ ने जहां अपने अशआर पर भरपूर दाद बटोरी, वहीं सुरेंद्र सिंघल, मासूम गाजियाबादी, डॉ. राम सिंह, उर्वशी अग्रवाल उर्वी, तरुणा मिश्रा और नेहा वैद की रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
कार्यक्रम का संचालन खुश्बू सक्सेना ने किया। सुभाष चंदर, विपिन जैन, डॉ. सुधीर त्यागी, डॉ. तारा गुप्ता, आलोक यात्री, ईश्वर सिंह तेवतिया, सुरेंद्र शर्मा, कीर्ति रतन, इंद्रजीत सुकुमार, रिचा सूद, संजीव निगम ‘अनाम’ व मंजू मन की रचनाएं भी सराही गईं। इस अवसर पर सुभाष अखिल, डॉ. वीना मित्तल, राष्ट्र वर्धन अरोड़ा, नित्यानंद तुषार, ओंकार सिंह, सत्य नारायण शर्मा, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, राकेश कुमार मिश्रा, सुमन गोयल, वागीश शर्मा, तुलिका सेठ, वीरेन्द्र सिंह राठौर, संजीव शर्मा, तिलक राज अरोड़ा, कविता अरोड़ा, अशहर इब्राहिम, शशिकांत भारद्वाज, प्रताप सिंह, उत्कर्ष गर्ग, डॉ. नितिन गुप्ता, दीपा गर्ग, डी. डी. पचौरी, हरेंद्र कुमार, विनय लक्ष्मी, यश शर्मा व टेकचंद सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

Leave a Reply