मेवाड़ में सुविख्यात साहित्यकार चित्रा मुद्गल समेत छह पत्रकार सम्मानित

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती पर आयोजित 19वें साहित्यकार एवं पत्रकार सम्मान समारोह में सुविख्यात साहित्यकार चित्रा मुद्गल समेत छह पत्रकारों को सम्मानित किया गया। चित्रा मुद्गल को ‘साहित्य भूषण’ सम्मान और वरिष्ठ पत्रकार अमलेश राजू को ‘पत्रकार प्रतिष्ठा’ सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय, मुख्य अतिथि एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक एवं देश के प्रमुख शिक्षा शास्त्री जगमोहन सिंह राजपूत, मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया एवं निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल उपस्थित रहे। इन सभी ने चित्रा जी समेत सभी पत्रकारों को सम्मानित किया। गाजियाबाद के पत्रकार लोकेश राय, कुलदीप काम्बोज, तोषिक कर्दम और प्रभात पांडेय को ‘पत्रकार गौरव’ सम्मान से नवाजा गया। सभी को शॉल, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिह्न एवं नकद राशि प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि जगमोहन सिंह राजपूत ने कहा कि हमें जिन्दगी भर सीखते रहना चाहिए। सीखते रहने से हमारी संवेदनाएं बढ़ती हैं, संवेदनाएं बढ़ने से हमारी व्यग्रता कम होती है और उग्रता समाप्त होती है। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य मात्र ज्ञान ही अर्जित करता रहे तो वह स्वयं को नष्ट कर लेता है। जबकि मनुष्य को मेधा, बुद्धि और विश्लेषण की क्षमताओं को स्वयं में विकसित करना चाहिए। आज बच्चों को मनुष्य बनाने की जरूरत है। उनमें अध्ययन, मनन, चिंतन और इनके उपयोग की क्षमताओं का विकास करने की आवश्यकता है।
चित्रा मुद्गल की ओर से उनकी पुत्रवधु शैली मुद्गल ने चित्रा जी के लिखे विचारों को प्रस्तुत किया। उनके अनुसार मेवाड़ संस्थान मालवीय जी के जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है, यह उल्लेखनीय प्रयास है। राम बहादुर राय ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मालवीय जी व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे। वह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बड़े उदाहरण हैं।
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने कहा कि मालवीय जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी, पत्रकार, वकील, गायक, कथावाचक, देशभक्त व युगदृष्टा थे। देश में प्रोफेशनल्स तैयार हो सकें, इसके लिए उन्होंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी बनाई। इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने भी मालवीय जी के प्रति अपने विचार प्रकट करने के साथ-साथ आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। बीएड की छात्राओं नंदिनी, दिव्या और मुस्कान ने क्रमशः सरस्वती वंदना, कविताएं और मालवीय जी पर सम्भाषण प्रस्तुत किया। संचालन अमित पाराशर ने किया।

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