राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा संचालित वैशाली स्थित चित्रगुप्त पार्क में रविवार को भगवान श्री चित्रगुप्त विराजमान हो गए। यह मूर्ति बहुप्रतीक्षित थी, जिसे श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज के प्रयास ने संभव कर दिखाया। उन्होंने एक भव्य कार्यक्रम के तहत विधि-विधान से भगवान श्री चित्रगुप्त की प्रतिमा स्थापित कर दी। पूजा-पाठ, आरती, मंत्रोंच्चारण के बीच श्री चित्रगुप्त के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
कायस्थ परिवार में अपने आराध्य को पाकर खुशी की लहर है। डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने पार्क के जीर्णोद्धार के लिए भी पार्षद अजीत निगम से विशेष चर्चा की है। साथ ही पार्क में नियमित पूजा पाठ करने के लिए एक पंडित की व्यवस्था भी करने को उन्होंने कहा है। उसके बाद प्रसाद वितरण करवाया और सनातन चेतना, राष्ट्रधर्म एवं सामाजिक जागरूकता आंदोलन के लिए भारत शुद्धिकरण यात्रा पर देवभूमि उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए।
रविवार, 4 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में कायस्थों की कई संस्थाओं व संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिसमें अनुरंजन श्रीवास्तव, नीलम श्रीवास्तव, मुरारी प्रसाद श्रीवास्तव, अजीत सिन्हा, वीपी श्रीवास्तव, विकास सक्सेना आदि शामिल थे। लेकिन डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज के प्रयासों की जहां सभी ने सराहना की है, वहीं कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आए। उन्होंने अंधेरे में एक बोर्ड लगाकर पार्क को गोद लेने का दावा भी किया। यह अलग बात है कि इस दावे को साबित करने के लिए ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को किसी ने कोई दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए। कई लोगों ने फोन नहीं उठाए तो कुछ ऐसे भी थे, जो कोई जवाब ही नहीं दे सके। विपुल सक्सेना ने राजनीति करने वालों की निंदा की है।
फिलहाल, कायस्थ परिवार की ओर से भंडारा किया गया। पार्क के जीर्णोद्धार के लिए भी पार्षद अजीत निगम प्रयासरत हैं। इस अवसर पर डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव, दिनेश सक्सेना, नेहा रायजादा, प्रथम सक्सेना आदि उपस्थित रहे।


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