राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) में शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक की संज्ञा देते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि नेताजी के आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। सभी को पराक्रम दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।
डॉ. भरत सिंह ने बताया कि नेताजी की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का उद्देश्य देश को याद दिलाना है कि आजादी याचना से नहीं, पराक्रम से मिली थी और यह कि संकट में नेतृत्व साहस मांगता है, समझौता नहीं। उन्होंने कहा कि आज जब राष्ट्र आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व की बात करता है, तब पराक्रम दिवस हमें तीन सच याद दिलाता है। राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए, निर्णय में साहस दिखाना चाहिए। अधूरे समाधान राष्ट्र को कमजोर करते हैं और आजादी अनुशासन व बलिदान की कीमत मांगती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संपूर्ण जीवन युवाओं को प्रेरित करता है कि वे नेतृत्व से डरें नहीं और चुनौतियों से कभी समझौता न करें।
संस्थान की प्रमुख मिथिलेश मैम और जागेश मैम ने भी चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि नेताजी का गीत “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…”आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है। ऐसा कौन भारतीय होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा-सम्मान का भाव न हो। इस अवसर पर पीआईआईटी के निदेशक प्रोफेसर आर.के. शाक्य, सहायक निदेशक (मीडिया) जितेन्द्र बच्चन और संस्थान के सभी संकाय स्टाफ व शिक्षकगण उपस्थित रहे।


Leave a Reply