आईआईएमटी में बिखरे शास्त्रीय संगीत के रंग, ‘साज और आवाज’ ने मोहा मन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ‘श्रुति फाउंडेशन’ के तत्वावधान में रविवार की शाम आईआईएमटी यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा के चाणक्य हॉल में ‘साज और आवाज’ कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। ‘बैठक सीरीज’ अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देना और युवा प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना रहा।
10 मई के कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शास्त्रीय गायिका श्रीमती सुनंदा शर्मा, श्रुति फाउंडेशन के संस्थापक एवं मशहूर तबला वादक पं. मिथिलेश झा, समाजसेवी एवं कवि ओम रायजादा एवं रोहित प्रियदर्शन के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद युवा कलाकार चित्रांशी टांगरी (गायन) और सत्येश मंगलम (तबला) ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से खूब वाहवाही बटोरी। गायिका सोनम मिश्रा ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनका साथ हारमोनियम पर पंडित सुमित मिश्रा और तबले पर आनंद कुमार ने दिया।
शाम का मुख्य आकर्षण पंडित चिरादीप सरकार (संतूर) और मशहूर तबला वादक पंडित मिथिलेश कुमार झा के बीच हुई ‘एक्सक्लूसिव जुगलबंदी’ रही। संतूर की मधुर लहरियों और तबले की थाप के बीच आपसी संवाद ने जहां श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं श्रुति फाउंडेशन के द्वारा सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की पहल में हिमांशु मिश्रा एवं सहयोगी आराधना वर्मा के द्वारा किये गए कार्य की सराहना की गई।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुषमा सिंह ने किया। इस अवसर पर नन्हक फाउंडेशन की निदेशक साधना सिन्हा एवं सहयोगी विकास सक्सेना उपस्थित रहे। संगीत प्रेमियों से हॉल खचाखच भरा रहा। आराधना वर्मा ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि इस तरह के आयोजनों से न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिलता है, बल्कि शास्त्रीय संगीत की परंपरा भी जीवंत रहती है। अंत में पं. मिथिलेश झा ने कलाकारों, श्रोताओं एवं आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के निदेशक मयंक अग्रवाल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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