राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नोएडा। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान में एआई और सस्टेनेबल डिजिटल फ्यूचर के लिए हरित नवाचार पर चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीआईईएम- 2026 आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम ने वर्तमान समय की उस आवश्यकता को रेखांकित किया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सिस्टम्स और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियां न केवल उद्योगों और संस्थानों को बदल रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के लिए भी नए समाधान प्रस्तुत कर रही हैं।
गुरुवार, 19 मार्च को आयोजित अधिवेशन के मुख्य सचिव प्रो. (डॉ.) एस. एल. गुप्ता ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल प्रगति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समावेशन और सतत भविष्य का निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मशीनें डेटा को संसाधित कर सकती हैं, लेकिन वास्तविक समझ, संवेदनशीलता और दूरदृष्टि मानव बुद्धि से ही आती है। सम्मेलन में 260 से अधिक शोध सारांश तथा 150 पूर्ण शोधपत्र प्राप्त हुए, जो इस सम्मेलन की शैक्षणिक गंभीरता और व्यापकता को दर्शाते हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता प्रो. विकास त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि स्टेट इंस्टीट्यूशनल बिजनेस हेड इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन कपिल भट और विशिष्ट अतिथि फ्यूचर्ड इनोवेशन स्टूडियो के अध्यक्ष डॉ. ऋषि मोहन भटनागर रहे। इनके अलावा ईएक्सएल की वाइस प्रेसिडेंट सुश्री सीपिका सिंघल और बिमटेक के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एवं लक्जरी उद्योग के विशेषज्ञ डॉ. ज्योति शंकर दास ने भी एआई पर अपनी-अपनी बात रखी।
सम्मेलन स्मारिका का डिजाइन संयुक्त सचिवों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं मेधावी और रोहित राज द्वारा तैयार किया गया। आठ सत्रों के अंतर्गत शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिनमें सत्रों के अध्यक्ष एवं सह अध्यक्ष की भूमिका प्रोफेसर नवल किशोर, डॉ. रवि कुमार गुप्ता, डॉ. संजय राजपूत, सोमेश नाथ, सुश्री रुचिका ठाकुर, डॉ. प्रिया गुप्ता, डॉ. अभिषेक सिंह, सत्यजीत आजाद, डॉ. संदीप जैन, डॉ. दुर्गेश अग्निहोत्री, डॉ. रुचि अग्रवाल, डॉ. अनीता विनायक, डॉ. मोनिका सूरी, सुश्री श्रुति सिंह और सुश्री शिल्पा सिंह ने निभाई। जबकि डॉ. चारु वही एवं डॉ. निकेत मेहता, डॉ. स्वाति प्रसाद, डॉ. विभा काव रैना, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. अरुण मित्तल, डॉ. मोनिका बिष्ट, डॉ. सुपर्णा दत्ता, डॉ. चनप्रीत कौर, श्रीमती रचना प्रतीक, श्रीमती शीतल सहगल, डॉ. एसएल गुप्ता, डॉ. उमैर उजाला एवं श्रीमती प्रमिला जोशी समन्वयक की भूमिका में रहे।
सम्मेलन शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और युवा प्रतिभाओं के लिए विचार-विमर्श, सहयोग और नवाचार का एक सशक्त साझा मंच सिद्ध हुआ। ICIEM-2026 ने संदेश दिया कि भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक को मानवीय मूल्यों, नैतिकता और सतत विकास के साथ जोड़कर देखेंगे।आयोजन की सफलता में डॉ. मोनिका बिष्ट, पवन चांडक, अमित निंद्राजोग, विक्रम भाटिया, रणधीर साहदेव, प्राची, सुभाष जोशी, डॉ. अरुण मित्तल, डॉ. स्वाति प्रसाद और डॉ. निकेत मेहता का विशेष योगदान रहा। संस्थान की प्राध्यापिका डॉ. स्वाति प्रसाद ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।


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