हेमेन्द्र कुमार / राष्ट्रीय जनमोर्चा
नयी दिल्ली। बुराड़ी स्थित दिव्यांग आश्रम के बच्चे अपने बीच सुपर मॉडल व ‘दीप्ति फिल्म प्रोडक्शन हाउस’ की डायरेक्टर प्रीति शर्मा को पाकर उत्साह और जोश से भर उठे।
उन्होंने बड़ी ही आत्मीयता और सम्मान के साथ अपनी इस चहेती मेहमान का फूलों की माला पहनाकर और पारंपरिक चुनरी ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। बच्चों की मासूमियत व निश्छल प्रेम देखकर प्रीति शर्मा भी भावविभोर हो गईं।
मुंबई की चकाचौंध और दिखावे की दुनिया से दूर प्रीति शर्मा ने दिव्यांग बच्चों के साथ पूरी तन्मयता से समय बिताया। उन्होंने एक-एक बच्चे से बात की, उनकी दिनचर्या जानी और उनके सपनों व संघर्षों को गहराई से समझने की कोशिश की। प्रीति ने न केवल बच्चों का हौसला बढ़ाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शारीरिक सीमाएं कभी भी आपके सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकती।
आश्रम की एक बच्ची ने कहा, “हमारे बीच इतनी बड़ी हस्ती आईं और उन्होंने हमें गले से लगाया तो हमें लगा कि पूरा समाज हमारे साथ है। प्रीति दीदी ने हमसे हमारे सपनों के बारे में पूछा और हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
अन्य कई बच्चियों ने कहा कि हमारे लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। मुंबई से चलकर कोई खास हमारे लिए आया और हमारा हाल-चाल जाना, इससे बड़ा हमारे लिए कोई और उपहार नहीं हो सकता।
वाकई, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करने वाली प्रीति शर्मा का यह कदम समाज के उन तमाम सक्षम लोगों के लिए एक आईना है, जो समाज सेवा की बात तो करते हैं, लेकिन धरातल पर किसी के चेहरे की मुस्कान नहीं बन पाते। प्रीति शर्मा के इस मानवीय कदम की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है। उनके इस दौरे ने न केवल इन दिव्यांग बच्चों के दिलों में नई उम्मीद का दीप जलाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि असली खूबसूरती सिर्फ चेहरे या रैंप पर नहीं, बल्कि दूसरों के दुख-दर्द को बांटने वाले दिल में होती है।


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