आंतरिक सुरक्षा व अनुशासन ही देशभक्ति का पहला कदम: DCP मीणा

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्यामलाल महाविद्यालय (सांध्य) में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम और देशप्रेम के माहौल में मनाया गया। इस वर्ष का यह समारोह ‘एकता हमारी पहचान, देश हमारी शान’ तथा ‘स्वाधीनता का सम्मान, विकसित भारत का निर्माण!’ के मूल संकल्पों पर केंद्रित था। मुख्य अतिथि डीसीपी (शाहदरा) आरपी मीणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून का पालन और अनुशासन ही देशभक्ति का पहला कदम है।
उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डीसीपी मीणा, कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर नचिकेता सिंह और एसएचओ अरुण कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में ‘वंदे मातरम’ गान के साथ हुई। प्रो. नचिकेता सिंह ने कहा कि स्वाधीनता का असली सम्मान तभी है, जब शिक्षा के माध्यम से हम ‘विकसित भारत’ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सारिका त्यागी ने किया। संयोजक प्रोफेसर प्रमोद कुमार द्विवेदी ने मुख्य अतिथि के साथ सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, नृत्य, भाषण और कविताएं प्रस्तुत की। पूरा कॉलेज परिसर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गुंजायमान रहा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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