मयूर गंगवानी बने मैनहंट इंडिया-2019 के विजेता

अमित मिश्रा

मैनहंट इंडिया ने 27 नवंबर को मैनहंट इंडिया 2019 के विजेता के रूप में मयूर गंगवानी के नाम की घोषणा की। मुंबई में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रंस में अहमद कबीर शादान (नेशनल हेड मैनहंट इंडिया), ऋतु सूद (डायरेक्टर मैनहंट इंडिया) की मौजूदगी में यह ऐलान किया गया। आपको बतादें कि मैनहंट इंडिया के ग्रैंड फिनाले का आयोजन गोवा में रोसको डिकिंसन (मैनहंट इंटरनेशनल इंडिया) की उपस्थिति में किया गया था ,जहाँ 500 उम्मीदवारों में से टॉप 18 कंटेस्टेंट थे।उल्लेखनीय है कि मैनहंट इंडिया, मैनहंट इंटरनेशनल की सहायक कंपनी है और मैनहंट इंडिया पुरुष मॉडलों के लिए  प्रतिष्ठित और मान्य पुरुष पेजेंट है, जिसने बॉलीवुड को कई प्रतिभाशाली अभिनेता दिए हैं। मैनहंट इंडिया ने 2019 के लिए अहमद कबीर शादान (नेशनल हेड मैनहंट इंडिया) और रितु सूद (डायरेक्टर मैनहंट इंडिया) की उपस्थिति में मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रन्स में विजेता के नाम की घोषणा की गई। मैनहंट इंडिया 2019 के विजेता मयूर गंगवानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे इस पेजेंट को जीतने के लिए काफी तैयारी करनी पड़ी। ये मैन हंट १९९२ में शुरू हुआ था और आज मै बेहद उत्साहित हूं कि मै इस रिप्युटेड पेजेंट का विजेता हूं। मै वूमेन एंपावरमेंट के कैंपेन को और आगे बढ़ाना चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा फोकस इंटरनेशनल पेजेंट को जीतना है, मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं अंतरराष्ट्रीय सतह पर इंडिया का प्रतिनिधित्व करूंगा। फैशन वर्ल्ड में अपनी किस्मत आजमाने वाले न्यू कमर्स को मै यह मैसेज देना चाहूंगा कि कई बार आपको लगेगा कि आप मुकाबले को छोड़ दो लेकिन अगर आप सही से अपने आप पर काम करेंगे तो सफलता एक दिन अवश्य मिलेगी।”अहमद कबीर शादान ने कहा कि मैन हंट दुनिया का सबसे भरोसेमंद पेजेंट रहा है। पिछले चार पांच वर्षों से यह मुकाबला इतने बड़े लेवल पर नहीं हुआ, लेकिन इस बार से हमने इसे वो ऊंचाई प्रदान करने की कोशिश की है जिसका यह हकदार है। मयूर ने इस मुकाबले के लिए काफी ट्रेनिंग ली। अपनी स्पीच पे और पर्सनालिटी पे काफी काम किया। अब यह इंडिया को वर्ल्ड फिनाले में रिप्रेजेंट करेंगे। हम इन्हें इंटरनेशनल पेजेंट के लिए ग्रूम करेंगे।”ऋतु सूद (डायरेक्टर मैनहंट इंडिया) ने यहां कहा कि मयूर फैशन इंडस्ट्री में कुछ बड़ा करना चाहते थे और आज उन्होंने अपनी मेहनत से यह कर दिखाया। स्पाइसी मील को छोड़ना आसान नहीं था ।लेकिन इन्होंने स्ट्रिक्ट रूटीन पे अमल किया और विजेता बने।”

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