राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। देश की प्रथम महिला शिक्षक और महान समाज सुधारक श्रीमती सावित्रीबाई फुले के 189वें जन्मदिवस पर सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था (भारत) द्वारा ग्रेटर नोयडा के सुथ्याना स्थित जय शंकर मेमोरीयल पब्लिक स्कूल प्रांगण में सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर महान शिक्षिका को श्रद्धांजलि दी गई। संस्था के संस्थापक डा राहुल वर्मा ने इस मौके पर सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उस दौर में जब महिलाओं को परदे में रखा जाता था और महिलाओं को सामाजिक सरोकारों से दूर रखा जाता था, तब एक दलित परिवार की इस लड़की ने महिलाओं की स्थिति में सुधार हेतु समाज में व्याप्त कुप्रथाओं से लड़ने की हिम्मत जुटाई। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए महाराष्ट्र के पुणे में सावित्रीबाई फुले ने प्रथम बालिका स्कूल की शुरुआत की। लोगों द्वारा उनके इस कार्य को अनेकों तरीकों से प्रभावित करने का प्रयास किया, मगर सावित्रीबाई फुले के इरादे चट्टान की तरह अडिग रहे। इस अवसर पर स्कूल की चेयरपर्सन सरिता बसोया ने महिलाओं के अधिकार के लिए जीवन पर्यन्त लड़ने वाली महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को नमन करते हुए कहा कि आज देश में महिलाएं विभिन्न क्षेत्र में सफलता हासिल कर देश का मान बढ़ा रही हैं, जिसका श्रेय प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले को जाता है। उन्होंने अपने मजबूत इरादों से महिलाओं के लिये कुछ कर दिखाने का रास्ता बनाया। इस अवसर पर नरेश वर्मा, देवेंद्र चंदेल, माधुरी, ओमदत्त शर्मा, मुस्कान वर्मा, कोमल भाटी, सोनम और सपना गौतम आदि ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाला।


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