राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। नोयडा स्थित रेयान इंटरनेशल स्कूल में कक्षा एक और चार में पढ़ने वाली दो सगी बहनों को फीस न जमा करने पर करीब 15 दिन से कक्षा से बाहर बैठा दिया जाता है। दोनों बहनें आर्थिक तंगी के चलते स्कूल फीस नहीं जमा कर पा रही हैं। इस मामले की सूचना मिलते ही सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था (भारत) ने स्कूल की कड़ी निंदा की है। साथ ही बच्चियों की शिक्षा जारी रखने के लिए संस्था ने उप जिलाधिकारी संजय मिश्रा से मुलाकात की और उन्हें जिलाधिकारी को संबोधित इस आशय का एक ज्ञापन भी सौंपा है।
संस्था प्रमुख डॉ राहुल वर्मा ने राष्ट्रीय जनमोर्चा को बताया कि एक ओर जहां सरकार बेटियों की शिक्षा को लेकर गम्भीर है, वहीं आर्थिक तंगी के चलते स्कूली फीस जमा न किए जाने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चियों को शिक्षा से वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बच्चियों के पिता का गत वर्ष देहांत हो गया था। परिवार आर्थिक तंगी का शिकार है। इसीलिए दोनों बच्चियों की फीस जमा नहीं हो सकी। स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चियों को पिछले 15 दिन से कक्षा के बाहर बैठाया जा रहा है। इससे दोनों बच्चियां अवसाद में हैं, इसलिए संस्था ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत करा रही है। डॉ वर्मा ने मांग की है कि डीएम इस मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए बच्चियों की हरसम्भव मदद करें। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कारवाई करने की मांग भी की है, ताकि बच्चियों को शिक्षा से वंचित न होना पड़े। ज्ञापन देने के अवसर पर रणवीर चौधरी, देवेंद्र चन्दीला, ओमदत्त शर्मा, सन्तोष कुमार, सोनिया सिंह, विनोद प्रधान, अंकित चौधरी, जहीर सैफ़ी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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