कोरोना वायरस: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संकट धीरे-धीरे गहराता जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को देश में कोरोना वायरस की स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पीएम मोदी ने अलग-अलग राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर समीक्षा की। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस बैठक में शामिल हुए।
पीएमओ ने जानकारी दी कि पीएम मोदी ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में परीक्षण, ट्रेसिंग, आइसोलेशन और संगरोध फोकस क्षेत्र में रहना चाहिए। उन्होंने आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण के लिए कच्चे माल की उपलब्धता पर प्रकाश डाला।
भारत में मामलों में वृद्धि से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने गणमान्य लोगों को अवगत कराया।प्रधान मंत्री कार्यालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि निजामुद्दीन मरकज से मामलों का प्रसार हुआ, वायरस के आगे प्रसार से उत्पन्न होने वाले चिकित्सा मामलों से निपटने की तैयारी है।
भारत में मामलों में वृद्धि से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने गणमान्य लोगों को अवगत कराया।प्रधान मंत्री कार्यालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि निजामुद्दीन मरकज से मामलों का प्रसार हुआ, वायरस के आगे प्रसार से उत्पन्न होने वाले चिकित्सा मामलों से निपटने की तैयारी है।
समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक PM के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू ने ट्वीट कर कहा था कि 15 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी लोगों को एहतियात बरतना होगा। हालांकि इस ख़बर के सामने आने के बाद सीएम खुद सामने आए और इस पर सफाई दी। हालांकि ट्वीट के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सफाई देते हुए कहा कि लॉकडाउन अवधि के संबंध में ट्वीट एक अधिकारी द्वारा अपलोड किया गया था जिसकी हिंदी में समझ सीमित थी र इसलिए उसी को हटा दिया गया है।
इससे पहले जारी ट्वीट में कहा गया था कति लॉकडाउन की डेडलाइन 15 अप्रैल को खत्म हो रही है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम सड़कों पर आजादी से घूमने लगे।हमें ऐसे में एहतियात बरतना होगा। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से लड़ने का एकमात्र कारगर तरीका है। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति पर एक टेलीफोन पर बातचीत की थी। इससे पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दो दिन पहले 20 मार्च को प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। उस समय उन्होंने कोरोना के वैश्विक खतरे के प्रति मुख्यमंत्रियों को आगाह करते हुए पूरे देश को एकजुट होकर इसका सामना करने की जरूरत बताई थी।
24 मार्च की मध्य रात्रि से पूरे देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद राज्यों को घर-गांव लौट रहे लोगों से लेकर कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ा। वैसे कैबिनेट सचिव और गृह सचिव लगातार राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ बातचीत कर हालात की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही स्थिति से निपटने के लिए हर दिन नए कदम उठाए जा रहे हैं।
भारत में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं।वर्तमान में देश में कोरोना वायरस के 1764 सक्रिय मामले हैं, वहीं इससे मरने वालों का आंकड़ा 50 तक पहुंच गया है।स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह 9 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 घंटों में देश में 131 नए कोरोना वायरस के मामले आए हैं। इससे भारत में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या संख्या 1965 हो गई है, जिनमें से 151 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है।

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