प्रियंका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की किसानों-मजदूरों को राहत पहुंचाने की मांग

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए किसानों और मजदूरों को राहत पहुंचाने की मांग को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। प्रियंका ने कहा है कि मजूदरों और छोटे उद्योगों की हालात खराब है। प्रदेश में आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए आर्थिक पुनर्निर्माण टास्कफोर्स का गठन किया जाए।
योगी आदित्यनाथ को लिखे दो पेज के पत्र में प्रियंका गांधी ने छह बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट किया है। कांग्रेस महासचिव ने लिखा है कि कोरोना महामारी ने आज ज्यादातर क्षेत्रों की कमर तोड़ दी है। प्रदेश का हर एक तबका इस आपदा और इसके आर्थिक व सामाजिक दुष्प्रभावों से परेशान है। कोरोना आपदा की वजह से कई ऐसे आर्थिक व सामाजिक स्तर के मुद्दे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने से आम जन को बहुत राहत मिलेगी।
प्रियंका ने किसानों की समस्याओं पर लिखा कि गेहूं की फसल की कटाई का समय है और किसान परेशान हैं तो फिर कटाई कैसे होगी। प्रदेश में कम्बाइन मशीनों से कटाई की इजाजत भी दे दी है लेकिन अभी तक कम्बाइन मशीनों के मालिक प्रशासन से भयभीत हैं। ज्यादातर इन मशीनों के चालक दूसरे प्रदेशों से आते हैं। उनके आने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने गन्ना किसानों के बकाये का तत्काल भुगतान करने तथा आगामी फसल की खरीद की गारंटी लेने की भी बात कही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि विगत दिनों उत्तर प्रदेश के किसानों पर ओलवृष्टि और बेमौसम बारिश की मार पड़ी थी। प्रदेश सरकार ने मुआवजे की घोषणा भी की लेकिन अब तक मुआवजा मिला नहीं। ऐसे में जरूरी है कि सिर्फ घोषणा नहीं कार्यान्वयन भी तय हो।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कोरोना महामारी अपने साथ आर्थिक तबाही लेकर आई है। प्रदेश के कांच उद्योग, पीतल उद्योग, कालीन उद्योग, बुनकरी व फर्नीचर उद्योग, चमड़ा उद्योग, होजरी, डेयरी, मिट्टी-बर्तन उद्योग, फिशरी-हेचरी उद्योग एवं अन्य घरेलू उद्योग सभी को झटका लगा है। ऐसे में मजदूरों और छोटे उद्योगों को राहत पहुंचाने के क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री से आर्थिक पुनर्निर्माण टास्कफोर्स के गठन किए जाने की मांग की है।
वहीं मजदूर परिवारों को राशन व नकदी की किल्लत को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि बहुत मजदूरों का पंजीकरण न होने से उन्हें किसी राहत योजना का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार अपंजीकृत मजदूरों को भी वित्तीय मदद की गारंटी दे। उन्होंने कहा कि सक्रिय मनरेगा मजदूरों को फ्री राशन मिल रहा है लेकिन आर्थिक मदद उन्हें भी नहीं मिल सकी है। ऐसे में जरूरी है कि मनरेगा मजदूरों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में आमजन को सहूलियत देकर प्रदेश सरकार कोरोना संकट से लड़ने में लोगों की मदद कर सकते हैं।

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