गलवन में हिंसक झड़प: भारत के 3 जवान शहीद, चीन के 5 जवान मारे गए

  • हालात को देखते हुए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों में बातचीत जारी
    कुपवाड़ा। लद्दाख सीमा को लेकर भारत और चीन में पिछले लंबे समय से चल रहा गतिरोध जब लगा कि सुलझ गया है तो एकाकए गलवान घाटी के पास सोमवार रात दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी ने झड़प का रूप ले लिया। इस झड़प में भारतीय सेना का एक अधिकारी तथा दो जवान शहीद हो गए। पिछले 50 वर्षों में यह पहली बार हुआ है कि लद्दाख सीमा पर झड़प में भारतीय सेना का कोई अधिकारी और जवान शहीद हुए हैं।
    सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस समय मामले को शांत करने के लिए एक बड़े स्तर की बैठक कर रहे रही है। वहीं यह घटना तब हुई जब सोमवार रात गलवान घाटी के पास दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद सबकुछ सामान्य होने की स्थिति में आगे बढ़ रह था। तभी दोनों सेनाओं के बीच तनातनी बढ़ गई, जिसने झड़प का रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि इस झड़प में कुछ चीनी सैनिक भी घायल हुए हैं। लेकिन चीन का कहना है कि उसके पांच सैनिक मारे गए हैं।
    भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।
    बता दें कि चीन तथा भारत की सेनाओं के बीच लंबे वक्त से इस विवाद को समाप्त करने के लिए कदम बढ़ाए जा रहे थे। 6 जून के बाद से कई राउंड की बात चली। सीओ से लेकर लेफ्टिनेंट जनरल तक के अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा था। जिसके बाद यह फैसला लिया गया कि दोनों देशों की सेना कुछ किलोमिटर तक पीछे हटेंगी और इसके बाद इस फैसले पर अमल भी किया गया था। लेकिन जब ये प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई है।
    सूत्रों के अनुसार चीनी सेना सीमा के पास धीरे-धीरे अपना रणनीतिक भंडार बढ़ाती रही है और उसने वहां तोपें एवं अन्य भारी सैन्य उपकरण पहुंचाए हैं। मौजूदा गतिरोध के शुरू होने की वजह से पैंगोंग सो झील के आसपास फिंगर क्षेत्र में भारत के एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण का चीन द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। इसके अलावा गलवान घाटी में दारबुक-शयोक-दौलत बेग ओल्डी को जोड़ने वाली एक और सड़क के निर्माण पर भी चीन विरोध जता रहा है। इस तनातनी को देखते हुए भारत ने भी कईं कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने भी अतिरिक्त सैन्यबल के साथ ही अन्य साजो सामान एलएसी पर तैनात किया है तथा इस दौरान वायु सेना को भी अलर्ट पर रखा गया है।

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