नई दिल्ली। राजस्थान में पिछले कई दिन से चल रहे सियासी संकट पर हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। पायलट गुट की याचिका को सही मानते हुए कोर्ट ने स्पीकर की तरफ से जारी नोटिस पर रोक लगा दी है। इसका मतलब विधानसभा स्पीकर अब कांग्रेस के बागी सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को अयोग्य करार नहीं दे पाएंगे।
शुक्रवार को अदालत ने विधानसभा स्पीकर की ओर से दिए नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर राहत देते हुए मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेशानुसार अब विधानसभा अध्यक्ष नोटिस के आधार पर 19 असंतुष्ट विधायकों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा हाई कोर्ट ने सचिन पायलट की ओर से पेश केंद्र सरकार को पार्टी बनाने के प्रार्थना पत्र को भी स्वीकार कर लिया है।
मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई की तिथि तय नहीं करते हुए कहा कि सभी पार्टियों के जवाब आने के बाद अरली हियरिंग के आधार पर अगली सुनवाई की जा सकती है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने समर्थक विधायकों के साथ राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने का समय मांगा था। राज्यपाल ने मुलाकात के लिए आज 12:30 बजे का समय दिया है। इस बीच गहलोत ने होटल फेयर माउंट में अपने समर्थक विधायकों से आगे की रणनीति पर चर्चा की और राज्यपाल से मुलाकात की जानकारी दी है।


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