जितेन्द्र बच्चन
गाजियाबाद। कोरोना महामारी के इस संकटकाल के दौरान अवसर में अपराध करने वालों का बड़ा खुलासा। इंसानियत के दुश्मन। डाक्टरों की आंखों में झोकते थे धूल। मोटी रकम पाने के लिए गंदे सर्जिकल ग्लव्स को पुन: इस्तेमाल करने के लिए करते थे अस्पतालों को सप्लाई। थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस की बड़ी कामयाबी। एक फैक्टरी से प्रयोग किए गन्दे 98 कट्टे दस्ताने बरामद। तीन मुल्जिम गिरफ्तार। एसपी देहात डॉ ईरज राजा ने किया मामले का खुलासा।
बुधवार, 5 मई को गाजियाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी। थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस को पता चला था कि कुछ लोग अस्पतालों में प्रयोग किए गए सर्जिकल ग्लव्स (दस्ताने) की वाशिंग कर उन्हें पुनः पैक कर मार्केट में सप्लाई करने वाली फैक्टरी चलाते हैं। सूचना बहुत ही गंभीर थी। अगर ऐसा है तो लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। तुरंत पुलिस के आला अधिकारियों को इत्तिला की गई। उनके दिशा-निर्देश पर छापामार एक दस्ते का गठन किया गया। इस टीम में थाना ट्रोनिका सिटी के सब इंस्पेक्टर सुशील कुमार, यूटी कुलदीप सिंह, हेड कांस्टेबल यशपाल सिंह और कांस्टेबल अरविंद कुमार को शामिल किया गया।
पुलिस अधीक्षक (देहात) डॉ ईरज राजा ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि मुखबिर से मिली सूचना की पहले गोपनीय स्तर पर तस्दीक कर लिया गया। उसके बाद आज बुधवार को उक्त फैक्टरी पर छापा मारा गया। यह फैक्टरी सेक्टर-बी/3, प्लाट संख्या सी-41 में स्थित है। यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन तीनों की निशानदेही पर फैक्टरी से 98 कट्टे सर्जिकल दस्ताने, 60 कट्टे धुले दास्ताने, 800 पैकिंग बाक्स, धुलाई की दो मशीन, एक सुखाने की मशीन और एक वाशिंग मशीन आदि बरामद किए गए। आरोपितों में सुभाष मोहल्ला भजनपुरा दिल्ली का गुड्डू उर्फ जमीर, अजीम अहमद और गलीमीर चावड़ी बाजार दिल्ली का मोहम्मद परवेज शामिल है। ये लोग ट्रोनिका सिटी में जयपाल सिंह की खाली पड़ी फैक्टरी को किराए पर लेकर यह गोरख धंधा कर रहे थे। पुलिस पूछताछ में इन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
एसपी (देहात) डॉ ईरज राजा के मुताबिक आरोपित करीब दो माह से यह फैक्टरी चला रहे थे। कोरोना महामारी के इस संकटकाल के दौरान सर्जिकल दस्तानों की अधिक मांग है। इसका लाभ उठाते हुए आरोपित इस्तेमाल हो चुके पुराने दस्तानों और गंदे फेंके दिए गए ग्लव्स को लाकर उन्हें वासिंग कर पुन: पैक कर के मार्केट में सप्लाई करते थे। इससे इनको मोटी कमाई हो रही थी। पुलिस अब इनके खिलाफ महामारी संसोधन अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और उनको चिन्हित करने में पुलिस की टीम लगी है।


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