राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। कृर्षि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा चलाए जा रहे किसान आंदोलन के आज सात महीने पूरे हो गए। इस मौके पर यूपी गेट पर बड़ी तादाद में किसान एकत्रित हुए। ट्रैक्टर रैली के माध्यम से प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आज दिन भर फैली अफवाहों को लेकर गहमा-गहमी बनी रही। पुलिस और प्रसाशन सतर्क रहा। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर एक अफवाह फैल गई कि दिल्ली पुलिस ने राकेश टिकैत को हिरासत में ले लिया है। यह खबर आते ही माहौल गर्मा गया। किसान आक्रोशित हो उठे और उन्होंने दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया, जिससे शासन-प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। बड़ी मुश्किल से राकेश टिकैत ने हालात को संभाला और हकीकत का बयान किया। लेकिन उन्होंने आंदोलन को और तेज करने को कहा है।
दरअसल, किसान नेताओं द्वारा शनिवार को पूरे देश में राज्यपालों और दिल्ली में एलजी को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम था। इसी कड़ी में भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह कुछ कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के एलजी को ज्ञापन देने पहुंचे तो पुलिस ने उन सभी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सोशल मीडिया में यह खबर फैल गई कि चौधरी राकेश टिकैत को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे किसानों के बीच अफरातफरी मच गई। जबकि राकेश टिकैत यूपी गेट पर मौजूद थे। उन्होंने एक आपात बैठक बुलाई और पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। दिल्ली के एलजी को ज्ञापन देने गए भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
राकेश टिकैत ने सरकार से मांग की है कि भाकियू कार्यकर्ताओं को तुरंत तिहाड़ जेल भेजा जाए या फिर उन सभी को रिहा किया जाए। किसान उन्हें रिहा कराने दिल्ली नहीं आएंगे, बल्कि अगली रणनीति के तहत भाकियू अपने साथियों के लिए आंदोलन और तेज करेगी। इसी के साथ राकेश टिकैत ने बताया कि ट्रैक्टर रैली और बढ़ा दी गई है। उनके अनुसार 09 जुलाई को शामली से ट्रैक्टर रैली शुरू होकर वाया बागपत सिंधु बॉर्डर जाएगी। इसके बाद 24 जुलाई को बिजनौर से चलकर वाया मेरठ टोल प्लाजा पर रात्रि विश्राम करेगी और फिर 25 जुलाई को यूपी गेट पर किसान ट्रैक्टर रैली पहुँचेगी। इस मौके पर चौ० गौरव टिकैत, शमशेर राणा, धर्मेन्द्र मलिक, राजवीर सिंह जादौन, विपिन बालियान, राजपाल शर्मा, केतकी सिंह, निर्देश चौधरी आदि मौजूद रहे।


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