डॉ. कुंअर बेचैन की स्मृति में 6 घण्टे चला कवि सम्मेलन, परवाज़ और डॉ प्रवीण सम्मानित

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। कवि डॉ. कुंअर बेचैन की स्मृति में हिंदी भवन, लोहिया नगर में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आठ घण्टे के इस समारोह में करीब छह घण्टे कवि सम्मेलन चला। श्रोताओं की तालियों और वाह-वाह से बार-बार सभागार गूँजता रहा। डॉ हरिओम पंवार की अध्यक्षता में विजेंद्र सिंह परवाज़, डॉ प्रवीण शुक्ल, विनीत चौहान, डॉ लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, बलराम श्रीवास्तव, डॉ कीर्ति काले, शम्भूशिखर, राज कौशिक, डॉ अल्पना सुहासिनी और बेचैन साहब की बेटी वंदना कुंअर रायज़ादा की कविताओं का लोगों ने खूब आनंद लिया।
शायर विजेंद्र सिंह परवाज़ के ये शेर खूब पसन्द किए गए- ‘ये ज़िन्दगी भी कैसे बहाने में कट गई, जैसा नहीं हूँ वैसा दिखाने में कट गई…।‘ डॉ प्रवीण शुक्ल की इन पंक्तियों ने खूब तालियां बटोरीं- ‘जाने कितने अनुभवों का है यही बस सार अंतिम, ना कोई भी जीत अंतिम ना कोई भी हार अंतिम…।’ शायर राज कौशिक को इन शेरों पर भी दाद मिली- ‘मैं तस्वीरें लिए अपने बुजुर्गो की खड़ा हूँ अब, मैं घर में सबसे छोटा था मगर सबसे बड़ा हूँ अब…।’
इनके गीत भी सराहे गए
डॉ कीर्ति काले का ये गीत बहुत सराहा गया- ‘बिना तुम्हारे शहर तुम्हारा फीका- फीका लगा मुझे, तुम थे तो रंगीन चमक थी, गलियों, सड़कों, बाजारों में।’ डॉ कुँअर बेचैन की बेटी वंदना कुँअर रायज़ादा का ये मुक्तक बहुत पसन्द किया गया, ‘गीत गजलों और छन्दों से पुकारूँ मैं सदा, आपकी पावन धरोहर को सँभालूँ मैं सदा…।’
महाकवि डॉ. कुँअर बेचैन फ़ाउंडेशन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम को “प्यार के छींटे”-1 नाम दिया गया। बेचैन साहब की धर्मपत्नी संतोष कुंअर, बेटी वंदना और दामाद शरद रायजादा ने जितने दिल से यह आयोजन किया, उतने ही दिल से लोग इसमें उपस्थित भी रहे।
साहित्य मनीषी सम्मान से नवाजा
माशहूर शायर विजेंद्र सिंह परवाज़ को महाकवि कुँअर बेचैन साहित्य ऋषि सम्मान और सुप्रसिद्ध कवि डॉ प्रवीण शुक्ल को महाकवि कुँअर बेचैन साहित्य मनीषी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ कुँअर बेचैन जी की दो पुस्तकों और उन पर केंद्रित दुर्गेश अवस्थी की भी एक पुस्तक का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा की उपस्थिति रही। उन्होंने कई कवियों की कविताएं उन्हीं के स्टाइल में सुनाई।
कई हस्तियां रहीं मौजूद
यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप, शहर विधायक अतुल गर्ग, मेयर आशा शर्मा विशेष और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बलदेव राज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन का संचालन डॉ कीर्ति काले ने और बाकी समारोह का संचालन राज कौशिक और डॉ अल्पना सुहासिनी ने किया। यह आयोजन दूधेश्वरनाथ मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरी और पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्थापक आध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा के सानिध्य में हुआ।

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