प्रताप विहार के इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में शैक्षणिक प्रदर्शनी का आयोजन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। अपने ज्ञान और भावों की सौंदर्य पूर्ण अभिव्यक्ति कला कहलाती है और विभिन्न कलाओं का संगम प्रदर्शनी बन जाता है। इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल प्रताप विहार में शनिवार, 28 जनवरी को बहुप्रतीक्षित शैक्षणिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी अपने ज्ञान, कला और भावों की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति के द्वारा अपने अभिभावकों और शिक्षकों को गौरव मिश्रित आनंद से अभिभूत करने में सफल रहे। यह प्रदर्शनी कक्षा एक से लेकर कक्षा 9 तक के विद्यार्थियों के लिए थी।
विद्यालय में एक सप्ताह पूर्व से इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रहीं थीं। प्रत्येक कक्षा की प्रदर्शनी को कक्षा अध्यापक के विषय से संबंधित कर दिया गया था। इस प्रदर्शनी के लिए विद्यार्थियों ने अपने विषय को ज्ञानवर्धक गतिविधियों, कला तथा खेलों से जोड़ते हुए विषयों से संबंधित जानकारी देने का माध्यम बनाया और नवाचार के प्रयोग से आकर्षक रूप देने का प्रयास किया। विषय विभागाध्यक्ष, अध्यापक, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ समन्वयिकाएं एवं स्वयं प्रधानाचार्य भी निरंतर अवलोकन कर कार्यक्रम को उत्कृष्ट बनाने हेतु सुझाव दे रहे थे।
प्रत्येक विषय का प्रदर्शन अपने आपमें अपूर्व अनुभव का आभास करा रहा था। विद्यालय में प्रातः आठ बजे से ही उत्सव जैसा माहौल नजर आने लगा था। प्रत्येक कक्षा अपने विषय के कार्यक्रमों, गतिविधियों, खेलों तथा विभिन्न प्रतिकृतियों से सजी-धजी नजर आ रही थी। अपने विषय का गहन ज्ञान लिए उत्सुक विद्यार्थी अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों को अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने हेतु उत्साहित नजर आ रहे थे। प्रधानाचार्य मधुकर प्रिय प्रातः काल से ही प्रत्येक गतिविधि और प्रत्येक कक्षा का भ्रमण कर एवं आवश्यक सुझाव देकर बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे थे।
सुव्यवस्था एवं अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए विद्यालय आगमन का समय तीन श्रेणियों में विभाजित था। कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए विद्यालय भ्रमण का समय प्रातः 9:00 से 10:30 बजे तक निश्चित किया गया था। कक्षा 4 से कक्षा 6 तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। सातवीं से नवीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावक दोपहर 12: 00 बजे से 2:30 बजे तक शैक्षणिक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते थे।
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों- सचिव प्रियंक जोशी, निदेशक पंकज जोशी एवं प्रबंधक अमित सिन्हा ने प्रत्येक कक्षा का भ्रमण किया तथा उन बच्चों द्वारा तैयार की गई गतिविधियों एवं खेलों में प्रतिभागिता कर अपने बहुमूल्य शब्दों के द्वारा उत्साहवर्धन भी किया। विद्यालय प्रधानाचार्य मधुकर प्रिय ने प्रत्येक कक्षा से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया। सभी बच्चों को आवश्यक सुझाव दिए और उत्साहवर्धन किया।
गणित के विद्यार्थी जहां कठिन चित्रात्मक पहेलियों के द्वारा अभिभावकों को अंकों का जादू समझाने का प्रयास कर रहे थे, वहीं हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, जर्मन और फ्रेंच के विद्यार्थी विभिन्न खेलों के माध्यम से भाषा का व्यावहारिक प्रयोग समझाते हुए साहित्यक ज्ञान का परिचय दे रहे थे। अपनी भाषा के इतिहास को विभिन्न प्रतिकृतियों एवं साहित्य के माध्यम से समझाने का प्रयास कर रहे थे। इतिहास के विद्यार्थी जहां विभिन्न नमूनों और चित्रों के माध्यम से ऐतिहासिक तथ्यों एवं दर्शनीय स्थलों को प्रदर्शित कर रहे थे, वहीं नागरिक शास्त्र के विद्यार्थी अपने देश के संविधान एवं शासन व्यवस्था को समझा रहे थे। विज्ञान के विद्यार्थी विभिन्न चित्रों, प्रतिकृतियों, चलित नमूनों एवं गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न तथ्यों की सत्यता को सिद्ध करके दिखा रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे प्रदर्शनी का समापन कर दिया गया।

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