दाऊद गैंग की कम्पनी से जुड़े कई नेताओं के तार, ईडी कर सकती है बड़ा खुलासा

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच माफिया दाऊद इब्राहिम (डी कंपनी) के नजदीकी सहयोगी इकबाल मिर्ची की संपत्तियों के सौदे से एक पूर्व उड्डयन मंत्री के साथ ही कई नेताओं के नाम जुड़ते नजर आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मिर्ची के दो सहयोगियों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, ईडी ने अभी किसी के नाम उजागर नहीं किए हैं।
वर्ली इलाके में स्थित राबिया मैंशन, मरियम लॉज और सी व्यू नामक तीनों बिल्डिंग का सौदा 2010 में लगभग 225 करोड़ रुपये में हुआ था। पहले यह तीनों बिल्डिंग दाऊद से जुड़े एक ट्रस्ट के नाम थी। मुंबई ब्लास्ट के बाद इन्हें अवैध तरीके से मिर्ची के नाम पर कर दिया था। दाऊद के ड्रग धंधे को संभालने वाले मिर्ची की 2013 में मौत हो गई थी।
इकबाल मिर्ची के दो सहयोगी हारून यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को ईडी ने 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। स्थानीय अदालत ने दोनों को 15 अक्टूबर तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है। इन दोनों ने बिल्डिंगों की बिक्री में अहम भूमिका निभाई थी। ईडी उनसे पूछताछ कर सौदे से जुड़े नेताओं और कारोबारियों के संबंधों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। नए नियम के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इन दोनों पर मनी लांड्रिंग का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने इकबाल मिर्ची की बेनामी संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें मुंबई में 10 संपत्तियां, संयुक्त अरब अमीरात में एक संपत्ति और यूके में 25 संपत्तियां शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले में जांच में कथित रूप से सहयोग नहीं करने के लिए हारून अलीम यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को मनी लॉड्रिंग रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिर्ची और अन्य लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यूसुफ तथा बिंद्रा के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया था।

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